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Balrampur News: महारासलीला निष्काम प्रेम व भक्ति का प्रतीक
Sat, 13 Jun 2026 10:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:33 PM IST
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फोटो-13-बलरामपुर के गिद्धौर गांव में रुक्मिणी विवाह का मंचन करते कलाकार।-स्रोत: आयोजक
श्रीदत्तगंज। क्षेत्र के कटरा गिद्धौर गांव में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन उद्धव चरित्र, महारासलीला और रुक्मिणी विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया गया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। प्रवाचक ने कहा कि भगवान की गोपियों संग महारासलीला निष्काम प्रेम व भक्ति का प्रतीक है।
अयोध्या धाम से आए प्रवाचक पंडित योगेश शास्त्री ने बताया कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की कामना की थी। भगवान ने उनकी इच्छा पूर्ण करने के लिए शरद पूर्णिमा की रात्रि यमुना तट पर महारास का आयोजन किया। श्रीकृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन सुनकर गोपियां सब कुछ भूलकर उनके पास पहुंच गईं। उनके मन में केवल निष्काम प्रेम और भक्ति का भाव था। रुक्मिणी विवाह प्रसंग में पंडित शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी का हरण कर द्वारका में विधिपूर्वक विवाह किया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर यज्ञाचार्य पं. शैलू तिवारी, मुख्य यजमान बब्लू तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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अयोध्या धाम से आए प्रवाचक पंडित योगेश शास्त्री ने बताया कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की कामना की थी। भगवान ने उनकी इच्छा पूर्ण करने के लिए शरद पूर्णिमा की रात्रि यमुना तट पर महारास का आयोजन किया। श्रीकृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन सुनकर गोपियां सब कुछ भूलकर उनके पास पहुंच गईं। उनके मन में केवल निष्काम प्रेम और भक्ति का भाव था। रुक्मिणी विवाह प्रसंग में पंडित शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी का हरण कर द्वारका में विधिपूर्वक विवाह किया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर यज्ञाचार्य पं. शैलू तिवारी, मुख्य यजमान बब्लू तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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