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Balrampur News: गर्मी की छुट्टियों में मदरसे में चलेंगी विशेष कक्षाएं
Fri, 01 May 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 01 May 2026 10:58 PM IST
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फोटो-6-बलरामपुर नगर स्थित मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल कुरान अरबी डिग्री काॅलेज।-संवाद
बलरामपुर। नगर स्थित मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल कुरान अरबी डिग्री कॉलेज में पहली बार गर्मी की छुट्टियों के दौरान विशेष शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पहल के तहत आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को निशुल्क मजहबी तालीम दी जाएगी।
मदरसे के प्रभारी प्रधानाचार्य मौलाना मुफ्ती मुजम्मिल अख्तर मिस्बाही ने बताया कि समर कैंप के लिए पंजीकरण तिथि 1 मई से 15 मई तक निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं तय समय सीमा के भीतर निशुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष कक्षाओं में मदरसे के उलेमा बच्चों को नमाज पढ़ने का सही तरीका, रोजा रखने के दौरान जरूरी बातों, कुरान शरीफ को सही ढंग से पढ़ने तथा इस्लामी जीवन मूल्यों की शिक्षा देंगे। बच्चों में अनुशासन, सदाचार और नैतिकता विकसित करने पर भी विशेष जोर रहेगा। मौलाना ने कहा कि यदि छात्राएं भी पंजीकरण कराती हैं तो उनके लिए अलग महिला शिक्षिका की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें सहज वातावरण में दीनी तालीम दी जा सके। बताया कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को मजहबी जानकारी से जोड़ना और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना है, ताकि वे शिक्षा के साथ नैतिक रूप से भी मजबूत बन सकें।
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मदरसे के प्रभारी प्रधानाचार्य मौलाना मुफ्ती मुजम्मिल अख्तर मिस्बाही ने बताया कि समर कैंप के लिए पंजीकरण तिथि 1 मई से 15 मई तक निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं तय समय सीमा के भीतर निशुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष कक्षाओं में मदरसे के उलेमा बच्चों को नमाज पढ़ने का सही तरीका, रोजा रखने के दौरान जरूरी बातों, कुरान शरीफ को सही ढंग से पढ़ने तथा इस्लामी जीवन मूल्यों की शिक्षा देंगे। बच्चों में अनुशासन, सदाचार और नैतिकता विकसित करने पर भी विशेष जोर रहेगा। मौलाना ने कहा कि यदि छात्राएं भी पंजीकरण कराती हैं तो उनके लिए अलग महिला शिक्षिका की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें सहज वातावरण में दीनी तालीम दी जा सके। बताया कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को मजहबी जानकारी से जोड़ना और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना है, ताकि वे शिक्षा के साथ नैतिक रूप से भी मजबूत बन सकें।
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