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Balrampur News: एक खाते से पांच राज्यों की साइबर ठगी का कनेक्शन खुला
Sat, 05 Sep 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:56 PM IST
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बलरामपुर। व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर आसान टास्क पूरा कर कमाई का झांसा देकर लोगों से निवेश कराने वाले साइबर ठगों के स्थानीय नेटवर्क का पुलिस ने पता लगाया है। साइबर क्राइम मुख्यालय, लखनऊ से मिले इनपुट के बाद हुई जांच में एक म्यूल बैंक खाते से पांच राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की आठ शिकायतों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। जांच में खाताधारक शुभम साहू समेत तीन लोगों की भूमिका सामने आई है। तीनों जिले में ही मिले हैं। मामले में शनिवार को कोतवाली नगर में उपनिरीक्षक अनुज कुमार यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। हालांकि अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार बहराइच रोड, सिविल लाइन निवासी शुभम साहू का बैंक खाता जांच के दायरे में आया था। साइबर क्राइम मुख्यालय से मिले इनपुट के आधार पर खाते की समन्वय पोर्टल पर जांच की गई। इसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित आठ शिकायतों में इस खाते से संदिग्ध लेनदेन सामने आया।
जांच में पता चला कि साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए शुभम का बैंक खाता संख्या 31603240016383 इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा गोसाइपुरवा मश झौहना निवासी अंशुल उर्फ अभिषेक गिरि और थाना ललिया क्षेत्र के शेखापुर चौराहा निवासी मोहित तिवारी की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक दोनों शुभम के साथ मिलकर ठगी की रकम अपने और अन्य लोगों के खातों में मंगाने तथा उससे लाभ कमाने में शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तीनों के बीच रकम के लेनदेन की कड़ी क्या थी और दूसरे राज्यों में बैठे साइबर ठगों से उनका संपर्क कैसे हुआ।
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पांच राज्यों की शिकायतों से जुड़ा एक खाता
पुलिस की जांच में छत्तीसगढ़ के मुंगेली थाने की शिकायत में 60,200 रुपये, तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले के कूवाथुर थाने में 2,85,600 रुपये, कर्नाटक के व्हाइटफील्ड सेंट्रल क्राइम थाने की दो शिकायतों में 67,000 और 56,400 रुपये से संबंधित लेनदेन मिला। इसके अलावा दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट साइबर पुलिस स्टेशन, गुजरात के गांधीनगर सेक्टर-7 थाने और कर्नाटक के बेल्लंदूर थाने की शिकायतों का कनेक्शन भी इसी खाते से मिला। इस तरह अलग-अलग राज्यों में दर्ज आठ शिकायतों में एक ही बैंक खाते की भूमिका सामने आई है। बैंक स्टेटमेंट की जांच में 5 फरवरी से 31 मार्च 2026 के बीच खाते में कुल 1,68,763 रुपये क्रेडिट होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक आठ साइबर शिकायतों में इसी खाते के माध्यम से 82,932 रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
टास्क से शुरू हुआ भरोसे का खेल
पुलिस जांच के अनुसार साइबर ठग व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लोगों से संपर्क करते थे। गूगल मैप पर रिव्यू देने जैसे आसान टास्क पूरे करने के बदले कमाई का लालच दिया जाता था। शुरुआत में 200 से 400 रुपये तक का भुगतान कर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था। इसके बाद अधिक कमाई के नाम पर निवेश कराया जाता और रकम जमा होने के बाद ठगी की जाती थी।
प्रभारी निरीक्षक नगर कोतवाली संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस की जांच सिर्फ तीन नामजद आरोपियों तक सीमित नहीं है। बैंक खाते में रकम भेजने वाले खातों, रकम आगे किन खातों में गई और ठगी के लिए पीड़ितों से संपर्क किसने किया, इसकी पड़ताल की जा रही है। इससे साइबर ठगी के स्थानीय नेटवर्क के साथ दूसरे राज्यों में बैठे लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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पुलिस के अनुसार बहराइच रोड, सिविल लाइन निवासी शुभम साहू का बैंक खाता जांच के दायरे में आया था। साइबर क्राइम मुख्यालय से मिले इनपुट के आधार पर खाते की समन्वय पोर्टल पर जांच की गई। इसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित आठ शिकायतों में इस खाते से संदिग्ध लेनदेन सामने आया।
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जांच में पता चला कि साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए शुभम का बैंक खाता संख्या 31603240016383 इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा गोसाइपुरवा मश झौहना निवासी अंशुल उर्फ अभिषेक गिरि और थाना ललिया क्षेत्र के शेखापुर चौराहा निवासी मोहित तिवारी की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक दोनों शुभम के साथ मिलकर ठगी की रकम अपने और अन्य लोगों के खातों में मंगाने तथा उससे लाभ कमाने में शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तीनों के बीच रकम के लेनदेन की कड़ी क्या थी और दूसरे राज्यों में बैठे साइबर ठगों से उनका संपर्क कैसे हुआ।
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पांच राज्यों की शिकायतों से जुड़ा एक खाता
पुलिस की जांच में छत्तीसगढ़ के मुंगेली थाने की शिकायत में 60,200 रुपये, तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले के कूवाथुर थाने में 2,85,600 रुपये, कर्नाटक के व्हाइटफील्ड सेंट्रल क्राइम थाने की दो शिकायतों में 67,000 और 56,400 रुपये से संबंधित लेनदेन मिला। इसके अलावा दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट साइबर पुलिस स्टेशन, गुजरात के गांधीनगर सेक्टर-7 थाने और कर्नाटक के बेल्लंदूर थाने की शिकायतों का कनेक्शन भी इसी खाते से मिला। इस तरह अलग-अलग राज्यों में दर्ज आठ शिकायतों में एक ही बैंक खाते की भूमिका सामने आई है। बैंक स्टेटमेंट की जांच में 5 फरवरी से 31 मार्च 2026 के बीच खाते में कुल 1,68,763 रुपये क्रेडिट होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक आठ साइबर शिकायतों में इसी खाते के माध्यम से 82,932 रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
टास्क से शुरू हुआ भरोसे का खेल
पुलिस जांच के अनुसार साइबर ठग व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लोगों से संपर्क करते थे। गूगल मैप पर रिव्यू देने जैसे आसान टास्क पूरे करने के बदले कमाई का लालच दिया जाता था। शुरुआत में 200 से 400 रुपये तक का भुगतान कर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था। इसके बाद अधिक कमाई के नाम पर निवेश कराया जाता और रकम जमा होने के बाद ठगी की जाती थी।
प्रभारी निरीक्षक नगर कोतवाली संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस की जांच सिर्फ तीन नामजद आरोपियों तक सीमित नहीं है। बैंक खाते में रकम भेजने वाले खातों, रकम आगे किन खातों में गई और ठगी के लिए पीड़ितों से संपर्क किसने किया, इसकी पड़ताल की जा रही है। इससे साइबर ठगी के स्थानीय नेटवर्क के साथ दूसरे राज्यों में बैठे लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।