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दहेज हत्या के आरोपी तीन भाईयों को उम्रकैद
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बलरामपुर। एडीजे तृतीय ने दहेज हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। थाना पचपेड़वा निवासी अमित पाल का विवाह नगर कोतवाली के भगवतीगंज निवासी ललिता देवी से 2009 में हुआ था।
भगवतीगंज निवासी बाबूराम साहू ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी पुत्री ललिता को पति अमित पाल व जेठ शिवपाल व रक्षाराम ने गला दबाकर छह दिसंबर 2009 को मार दिया। सभी अभियुक्त दहेज मांग करते थे और प्रताड़ित किया करते थे। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों भाइयों को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रणधीर सिंह ने नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एडीजे तृतीय विजय कुमार आजाद ने अमित पाल, शिवपाल व रक्षाराम को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए अजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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भगवतीगंज निवासी बाबूराम साहू ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी पुत्री ललिता को पति अमित पाल व जेठ शिवपाल व रक्षाराम ने गला दबाकर छह दिसंबर 2009 को मार दिया। सभी अभियुक्त दहेज मांग करते थे और प्रताड़ित किया करते थे। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
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पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों भाइयों को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रणधीर सिंह ने नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एडीजे तृतीय विजय कुमार आजाद ने अमित पाल, शिवपाल व रक्षाराम को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए अजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।