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Balrampur News: पिंजरे में नहीं कैद हो रहा तेंदुआ
Wed, 05 Mar 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 05 Mar 2025 01:07 AM IST
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बलरामपुर के धामाचौरी गांव में लगाया गया पिंजरा।
हरैया सतघरवा (बलरारामपुर)। सोहेलवा जंगल के धामाचौरी गांव में लगे पिंजरे में तेंदुआ कैद नहीं हो पा रहा है। तेंदुआ न पकड़े जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
ग्रामीण राज बहादुर यादव, पटवारी, सूरज, जमीदार, राघवराम, सूर्य नरायन, कोयला व श्याम कली ने बताया कि चार दिन पहले तेंदुए के हमले में ग्राम गनेशपुर निवासी पिता महेंद्र कुमार शुक्ल व पुत्र प्रदीप कुमार शुक्ल घायल हो गए थे। तेंदुए के डर से रात में किसान अपने खेतों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं। स़ोहेलवा वन्य जीव प्रभाग बनकटवा रेंज के धामाचौरी, लम्मुइया व गनेशपुर गांवों में अभी भी तेंदुए का खौफ है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह ने बताया कि धामाचौरी गांव में पहाड़ी नाले के पास गन्ने के खेत में पिंजरा लगाकर शाम को बकरी बांधी जाती है। पिंजरे में तेंदुआ कैद नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। क्षेत्रीय वनाधिकारी सत्रोहन लाल, वन दरोगा जीव रखन प्रसाद व दूधनाथ नियमित गश्त कर रहे हैं।
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ग्रामीण राज बहादुर यादव, पटवारी, सूरज, जमीदार, राघवराम, सूर्य नरायन, कोयला व श्याम कली ने बताया कि चार दिन पहले तेंदुए के हमले में ग्राम गनेशपुर निवासी पिता महेंद्र कुमार शुक्ल व पुत्र प्रदीप कुमार शुक्ल घायल हो गए थे। तेंदुए के डर से रात में किसान अपने खेतों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं। स़ोहेलवा वन्य जीव प्रभाग बनकटवा रेंज के धामाचौरी, लम्मुइया व गनेशपुर गांवों में अभी भी तेंदुए का खौफ है।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह ने बताया कि धामाचौरी गांव में पहाड़ी नाले के पास गन्ने के खेत में पिंजरा लगाकर शाम को बकरी बांधी जाती है। पिंजरे में तेंदुआ कैद नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। क्षेत्रीय वनाधिकारी सत्रोहन लाल, वन दरोगा जीव रखन प्रसाद व दूधनाथ नियमित गश्त कर रहे हैं।
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