{"_id":"62911a211e5e96791c017ba3","slug":"kisan-nidhi-samarpan-abhiyan-balrampur-news-lko6325561137","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपात्रों से किसान सम्मान निधि के 1.6 करोड़ वसूलने की चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपात्रों से किसान सम्मान निधि के 1.6 करोड़ वसूलने की चुनौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का अवैध तरीके से लाभ लेने वाले किसानों से 1.6 करोड़ रुपये वसूलने की चुनौती है। जिले में 1702 के सापेक्ष अब तक 310 किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वसूली जा चुकी है। बाकी बचे 1392 किसानों पर सम्मान निधि की धनराशि वापस करने का दबाव भी बनाया जा रहा है। भारत सरकार को 1.32 करोड़ के सापेक्ष 25.46 लाख रुपये सम्मान निधि की धनराशि वापस कराई जा चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकर दाताओं से रकम वापसी कराने के लिए शिकंजा कसा जा रहा है। बैंकों को रकम की वसूली करने का सुझाव दिया गया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 10वीं किस्त तक अवैध तरीके से लाभ लेने वाले किसानों की छंटनी कराई गई है। छंटनी के दौरान जिले में इनकम टैक्स देने वाले 1702 किसानों की सूची तैयार की गई। 25 अप्रैल को होने वाले 11वीं किस्त का भुगतान भी रोक दिया गया। जिले में इनकम टैक्स देने वाले 1702 किसानों से एक करोड़ 31 लाख 54 हजार रुपये की वसूली करने के लिए बैकों को कृषि विभाग की तरफ से सूची मुहैया कराई गई। इनकम टैक्स देने वाले मात्र 310 किसानों ने ही 25 लाख 46 हजार रुपये की धनराशि भारत सरकार को वापस की है। बाकी बचे 1392 किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है।
कृषि विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि आयकरदाता किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वापस कराने के लिए केंद्र की तरफ से निर्देश जारी किया है। आधार नंबर से इनकम टैक्स देने वाले किसानों की सूची तैयार की गई है। आयकरदाता किसानों से अपील की जा रही है कि संबंधित बैंक से जानकारी करके भारत सरकार के खाते में प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि शीघ्र वापस करा दें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में किसानों को 11वीं किस्त का भुगतान होना है। जिले में सम्मान निधि के लिए 2,82,960 पात्र किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड है। जिले में कुल 54 फीसदी के साथ 1,52,152 किसानों का डेटा ई-केवाईसी के रुप में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर दिखा रहा है। बाकी बचे 46 फीसदी 1,30,855 किसानों को ई-केवाईसी कराना है। (संवाद)
विज्ञापन
प्रतिदिन हो रही वर्चुअल समीक्षा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में ई-केवाईसी के साथ-साथ आयकरदाता किसानों से वसूली के संबंध में प्रतिदिन वर्चुअल समीक्षा की जा रही है। 11वीं किस्त के भुगतान से पहले सभी किसानों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। आयकरदाता किसानों से पीएम सम्मान निधि की धनराशि वापस कराने के लिए जिले के सभी बैंकों को सूचना भेज दी गई है। सभी बैकों की तरफ से आयकदाता किसानों से वापस कराई गई रकम भारत सरकार के खाते में भेजी जा रही है। डॉ. प्रभाकर सिंह, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 10वीं किस्त तक अवैध तरीके से लाभ लेने वाले किसानों की छंटनी कराई गई है। छंटनी के दौरान जिले में इनकम टैक्स देने वाले 1702 किसानों की सूची तैयार की गई। 25 अप्रैल को होने वाले 11वीं किस्त का भुगतान भी रोक दिया गया। जिले में इनकम टैक्स देने वाले 1702 किसानों से एक करोड़ 31 लाख 54 हजार रुपये की वसूली करने के लिए बैकों को कृषि विभाग की तरफ से सूची मुहैया कराई गई। इनकम टैक्स देने वाले मात्र 310 किसानों ने ही 25 लाख 46 हजार रुपये की धनराशि भारत सरकार को वापस की है। बाकी बचे 1392 किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि आयकरदाता किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वापस कराने के लिए केंद्र की तरफ से निर्देश जारी किया है। आधार नंबर से इनकम टैक्स देने वाले किसानों की सूची तैयार की गई है। आयकरदाता किसानों से अपील की जा रही है कि संबंधित बैंक से जानकारी करके भारत सरकार के खाते में प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि शीघ्र वापस करा दें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में किसानों को 11वीं किस्त का भुगतान होना है। जिले में सम्मान निधि के लिए 2,82,960 पात्र किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड है। जिले में कुल 54 फीसदी के साथ 1,52,152 किसानों का डेटा ई-केवाईसी के रुप में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर दिखा रहा है। बाकी बचे 46 फीसदी 1,30,855 किसानों को ई-केवाईसी कराना है। (संवाद)
विज्ञापन
प्रतिदिन हो रही वर्चुअल समीक्षा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में ई-केवाईसी के साथ-साथ आयकरदाता किसानों से वसूली के संबंध में प्रतिदिन वर्चुअल समीक्षा की जा रही है। 11वीं किस्त के भुगतान से पहले सभी किसानों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। आयकरदाता किसानों से पीएम सम्मान निधि की धनराशि वापस कराने के लिए जिले के सभी बैंकों को सूचना भेज दी गई है। सभी बैकों की तरफ से आयकदाता किसानों से वापस कराई गई रकम भारत सरकार के खाते में भेजी जा रही है। डॉ. प्रभाकर सिंह, उप कृषि निदेशक