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Balrampur News: जापानी इंसेफ्लाइटिस की भी वैक्सीन खत्म
Tue, 21 Feb 2023 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 21 Feb 2023 11:04 PM IST
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बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चला रहा है। मगर जिले के छह ब्लॉकों में जापानी इंसेफ्लाइटिस का टीका ही नहीं है। ऐसे में बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। जबकि जिले में निमोनिया से बचाने वाली पीसीबी वैक्सीन पहले ही खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब जेई का टीका न होने से परेशानी और बढ़ गई है।
बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जन्म से पांच साल के भीतर कई टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन तथा गांवों में बुधवार व शनिवार को नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाता है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों के लिए 13 से 24 फरवरी तक विशेष टीकाकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी सर्वे के दौरान चिह्नित हुए बच्चों को टीका लगा रहे हैं।
विशेष अभियान में 1,486 स्थलों पर कुल 46,870 बच्चों का टीकाकरण होना है, मगर बलरामपुर सदर, गैसड़ी, पचपेड़वा, शिवपुरा, तलसीपुर व उतरौला ब्लॉक में जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव की वैक्सीन ही खत्म हो गई है। इससे संपूर्ण टीकाकरण पखवाड़ा अधर में लटकता दिख रहा है। अधिकारी जल्द ही वैक्सीन की आपूर्ति की बात कह रहे हैं।
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विशेष टीकाकरण अभियान में डेढ़ से 16 महीने तक के 14,832 बच्चों को निमोनिया व 10,805 बच्चों को जेई का टीका लगाने का लक्ष्य था, मगर वैक्सीन के अभाव में इन बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए बच्चों को दो चरण में जेई का टीका लगता है। पहली डोज नौ महीने व दूसरी डोज 16 महीने पर दी जाती है। इसी तरह निमोनिया से बचाव के लिए तीन चरणों में पीसीवी का टीकाकरण होता है। पहली डोज डेढ़ माह, दूसरी डोज साढ़े तीन माह व अंतिम डोज नौ माह पर दी जाती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके शुक्ल ने बताया कि निमोनिया की वैक्सीन मंगाने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जेई की वैक्सीन लाने के लिए लखनऊ गाड़ी भेजी गई है। विशेष अभियान के दौरान वैक्सीन के अभाव में जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। उन्हें बाद में टीका लगवाया जाएगा।
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बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जन्म से पांच साल के भीतर कई टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन तथा गांवों में बुधवार व शनिवार को नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाता है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों के लिए 13 से 24 फरवरी तक विशेष टीकाकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्यकर्मी सर्वे के दौरान चिह्नित हुए बच्चों को टीका लगा रहे हैं।
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विशेष अभियान में 1,486 स्थलों पर कुल 46,870 बच्चों का टीकाकरण होना है, मगर बलरामपुर सदर, गैसड़ी, पचपेड़वा, शिवपुरा, तलसीपुर व उतरौला ब्लॉक में जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव की वैक्सीन ही खत्म हो गई है। इससे संपूर्ण टीकाकरण पखवाड़ा अधर में लटकता दिख रहा है। अधिकारी जल्द ही वैक्सीन की आपूर्ति की बात कह रहे हैं।
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विशेष टीकाकरण अभियान में डेढ़ से 16 महीने तक के 14,832 बच्चों को निमोनिया व 10,805 बच्चों को जेई का टीका लगाने का लक्ष्य था, मगर वैक्सीन के अभाव में इन बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए बच्चों को दो चरण में जेई का टीका लगता है। पहली डोज नौ महीने व दूसरी डोज 16 महीने पर दी जाती है। इसी तरह निमोनिया से बचाव के लिए तीन चरणों में पीसीवी का टीकाकरण होता है। पहली डोज डेढ़ माह, दूसरी डोज साढ़े तीन माह व अंतिम डोज नौ माह पर दी जाती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके शुक्ल ने बताया कि निमोनिया की वैक्सीन मंगाने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जेई की वैक्सीन लाने के लिए लखनऊ गाड़ी भेजी गई है। विशेष अभियान के दौरान वैक्सीन के अभाव में जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। उन्हें बाद में टीका लगवाया जाएगा।