फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Investigation of the cyber fraud network intensifies after getting a connection from Rajasthan

Balrampur News: राजस्थान से कनेक्शन मिलने के बाद साइबर ठगी नेटवर्क की जांच तेज

Thu, 26 Mar 2026 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 10:45 PM IST
विज्ञापन
Investigation of the cyber fraud network intensifies after getting a connection from Rajasthan
बलरामपुर। जिले में सामने आए 58 करोड़ के साइबर ठगी के मामले की जांच अब अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी पीड़ित से ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि गिरोह ने सुनियोजित तरीके से राजस्थान में अपनी पैठ बढ़ाई। वहां पर किराये के बैंक खाते, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज के सहारे ठगी का नेटवर्क तैयार किया।
विज्ञापन

राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी सतवीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने परिचित बनकर दो बार में 10,700 और 15,300 रुपये खाते से ट्रांसफर करा लिए। जांच में सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खाते का कनेक्शन बलरामपुर जनपद से जुड़ा है। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की और नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
विज्ञापन

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह स्थानीय स्तर पर लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड किराये पर लेता था। ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकाल लिया जाता था, जिससे पुलिस के लिए ट्रैकिंग मुश्किल हो सके। इसी में राजस्थान के भी कुछ लोगों के खाते लिए और वहां के बड़े खातेधारकों की पहचान को एजेंटों के माध्यम से खंगाला। जिसके बाद सतवीर को निशाना बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अकरम खान से पूछताछ में गिरोह के कई अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं। इनमें बच्चालाल उर्फ प्रशांत उर्फ गोलू, सुजीत सिंह, सुशील मिश्रा, मनीष मिश्रा, विशाल यादव, आसिफ, प्रतीक मिश्रा और शिवांशु मिश्रा शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है, जबकि कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस अभी नामों का खुलासा सतर्कता के लिए नहीं कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच में कई व्हाट्सएप ग्रुप, संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही राजस्थान पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर संपर्क शृंखला की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है और अलग-अलग जगहों से लोगों को निशाना बना रहा था। एसपी विकास कुमार ने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed