{"_id":"5d8508728ebc3e93b147bf0e","slug":"innocents-fighting-the-battle-of-malnutrition-got-the-award-balrampur-news-lko4826078188","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण से जंग लड़ने वाले मासूमों को मिला पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण से जंग लड़ने वाले मासूमों को मिला पुरस्कार
विज्ञापन
हरैया सतघरवा/देहात। कुपोषण की जंग लड़ने वाले मासूमों को पुरस्कृत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ ने हरी श्रेणी वाले बच्चों को पुरस्कृत किया है।
हरैया सतघरवा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र परसपुर कमदा में शुक्रवार को सितंबर माह पोषण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता लाने के लिए हेल्थी बेबी शो का आयोजन किया गया। इस दौरान अन्नप्रासन दिवस भी मनाया गया। हरैया सतघरवा ब्लॉक की सीडीपीओ प्रियंका दूबे ने छह माह से दो वर्ष तक बच्चों का अपनी निगरानी में वजन कराया।
वजन के दौरान हरी श्रेणी के आए हुए बच्चों को सीडीपीओ की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। केंद्र में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को ऊपरी आहार देने तथा विशेष आहार देने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
सीडीपीओ देहात राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को पोषण माह सितंबर के दौरान कलंदरपुर गांव में अन्नप्राशन कार्यक्रम कराया गया। केंद्र पर आए सभी छह माह तक के बच्चों को ऊपरी आहार खिलाकर उनको स्वस्थ बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई। सभी माताओं से अपील की गई कि पौष्टिक भोजन करने से ही कुपोषण का खात्मा होगा।
विज्ञापन
हरैया सतघरवा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र परसपुर कमदा में शुक्रवार को सितंबर माह पोषण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता लाने के लिए हेल्थी बेबी शो का आयोजन किया गया। इस दौरान अन्नप्रासन दिवस भी मनाया गया। हरैया सतघरवा ब्लॉक की सीडीपीओ प्रियंका दूबे ने छह माह से दो वर्ष तक बच्चों का अपनी निगरानी में वजन कराया।
विज्ञापन
वजन के दौरान हरी श्रेणी के आए हुए बच्चों को सीडीपीओ की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। केंद्र में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को ऊपरी आहार देने तथा विशेष आहार देने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
सीडीपीओ देहात राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को पोषण माह सितंबर के दौरान कलंदरपुर गांव में अन्नप्राशन कार्यक्रम कराया गया। केंद्र पर आए सभी छह माह तक के बच्चों को ऊपरी आहार खिलाकर उनको स्वस्थ बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई। सभी माताओं से अपील की गई कि पौष्टिक भोजन करने से ही कुपोषण का खात्मा होगा।