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Balrampur News: आरटीई से पहले चरण में 242 विद्यार्थियों को मिला विद्यालय

Thu, 05 Mar 2026 10:31 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2026 10:31 PM IST
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In the first phase through RTE, 242 students got a school
बलरामपुर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा चरण चल रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शिक्षा विभाग ने अधिक से अधिक पात्र बच्चों को योजना से जोड़ने के लिए प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। 7 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन हो सकेंगे। 9 मार्च को दूसरे चरण की लाॅटरी से परिणाम आएगा। तीसरे चरण का आवेदन 12 मार्च से हो सकेगा।
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जनपद में पहले चरण के दौरान कुल 679 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से बीईओ और बीएसए स्तर पर जांच के बाद 239 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसके बाद पोर्टल पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत 440 आवेदन लॉक किए गए। जिला स्तर पर आयोजित लॉटरी प्रक्रिया में 242 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए सीट आवंटित हुई, जबकि 198 बच्चों को विद्यालय नहीं मिल सका। अब इन बच्चों समेत अन्य पात्र अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है।
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इस चरण में वे अभिभावक आवेदन कर सकते हैं जो पहले चरण में आवेदन करने से चूक गए थे या जिन्हें सीट आवंटित नहीं हो सकी थी। बीएसए शुभम शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चे इसका लाभ उठा सकें। साथ ही प्राप्त होने वाले आवेदनों का सत्यापन समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब सत्यापन की प्रक्रिया प्रतिदिन पूरी की जाएगी और इसकी राज्य स्तर से नियमित समीक्षा होगी।
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ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
दूसरे चरण के लिए अभिभावक आरटीई के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र अनिवार्य दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना होगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस योजना के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रह जाए।
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