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Balrampur News: पुत्र मोह में राम के लिए मांगा 14 वर्ष का वनवास
Fri, 20 Oct 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 20 Oct 2023 11:50 PM IST
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बलरामपुर। नगर के सिटी पैलेस स्थित रामलीला मैदान में चल रहे श्रीश्री 108 सत्यप्रचारिणी रामलीला में शुक्रवार की रात भगवान के राजतिलक की तैयारी व महारानी कैकई द्वारा वरदान मांगने का मंचन किया गया। भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास मिलने से पूरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। दूसरी तरफ हरिहरगंज बाजार में परशुराम-लक्ष्मण संवाद व सीता स्वयंवर का मंचन हुआ।
सिटी पैलेस स्थित रामलीला मैदान के मंचन में जनकपुर से विवाह कर अयोध्या लौटने पर हर तरफ उत्सव मनाया जाता है। महाराजा दशरथ भगवान राम के राजतिलक की घोषणा करते हैं। राजतिलक की सूचना मिलने पर मंथरा महारानी कैकई को बहला फुसलाकर महाराजा दशरथ से अपना वरदान मांगने के लिए तैयार कर लेती है। इससे महारानी कैकई महाराजा दशरथ से अपने पुत्र भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। यह सुनकर महाराजा दशरथ मूर्छित हो जाते हैं।
हरिहरगंज बाजार में चल रहे श्रीश्री 108 बाल बजरंगदल रामलीला समिति में बृहस्पतिवार की रात धनुष यज्ञ व सीता स्वयंवर का सुंदर मंचन हुआ। इसमें राजा जनक अपनी पुत्री सीता का विवाह करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने धनुष यज्ञ का आयोजन करते हैं। जब कोई भी राजा द्वारा धनुष को नहीं उठाया जा सका, तो राजा जनक को दुख होता है। बाद में श्रीराम गुरु विश्वामित्र से आज्ञा लेकर भरी सभा में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास करते हैं। इसी दौरान धनुष टूट जाता है। इसके बाद हुए परशुराम लक्ष्मण संवाद के बाद श्रीराम माता सीता को वर माला पहनाते हैं। इससे पूरा माहौल जय श्रीराम के नारों से गूंजने लगता है। मंचन में परशुराम की भूमिका में संजीव कुमार मिश्र, राम के किरदार में अनिल मिश्र व लक्ष्मण का पात्र कर रहे वैभव मिश्र के अभिनय पर दर्शकों ने खूब ताली बजाई।
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सिटी पैलेस स्थित रामलीला मैदान के मंचन में जनकपुर से विवाह कर अयोध्या लौटने पर हर तरफ उत्सव मनाया जाता है। महाराजा दशरथ भगवान राम के राजतिलक की घोषणा करते हैं। राजतिलक की सूचना मिलने पर मंथरा महारानी कैकई को बहला फुसलाकर महाराजा दशरथ से अपना वरदान मांगने के लिए तैयार कर लेती है। इससे महारानी कैकई महाराजा दशरथ से अपने पुत्र भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। यह सुनकर महाराजा दशरथ मूर्छित हो जाते हैं।
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हरिहरगंज बाजार में चल रहे श्रीश्री 108 बाल बजरंगदल रामलीला समिति में बृहस्पतिवार की रात धनुष यज्ञ व सीता स्वयंवर का सुंदर मंचन हुआ। इसमें राजा जनक अपनी पुत्री सीता का विवाह करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने धनुष यज्ञ का आयोजन करते हैं। जब कोई भी राजा द्वारा धनुष को नहीं उठाया जा सका, तो राजा जनक को दुख होता है। बाद में श्रीराम गुरु विश्वामित्र से आज्ञा लेकर भरी सभा में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास करते हैं। इसी दौरान धनुष टूट जाता है। इसके बाद हुए परशुराम लक्ष्मण संवाद के बाद श्रीराम माता सीता को वर माला पहनाते हैं। इससे पूरा माहौल जय श्रीराम के नारों से गूंजने लगता है। मंचन में परशुराम की भूमिका में संजीव कुमार मिश्र, राम के किरदार में अनिल मिश्र व लक्ष्मण का पात्र कर रहे वैभव मिश्र के अभिनय पर दर्शकों ने खूब ताली बजाई।
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