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Balrampur News: 30 तक ऑडिट न कराया तो रुकेगा खर्च का भुगतान
Fri, 12 Apr 2024 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:46 PM IST
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बलरामपुर। विकास कार्यों पर खर्च करने वाली धनराशि का ऑडिट न कराने वाली 337 ग्राम पंचायतों के 15वें वित्त के भुगतान पर रोक लग सकती है। 30 अप्रैल तक ऑडिट पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय में खर्च राशि का ऑडिट न कराने वाली ग्राम पंचायतों को तय समयावधि के बाद कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
जिले में 793 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा व 15वें वित्त आयोग से गांवों में सड़क, नाली, खड़ंजा व तालाबों आदि के निर्माण पर खर्च होने वाली धनराशि का ग्राम पंचायतों को आडिट कराना अनिवार्य है। अभी तक 58 फीसद के साथ 465 ग्राम पंचायतों ने ही आडिट कराया है, जबकि 42 फीसद के साथ 337 ग्राम पंचायतों ने अभी तक विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि का आडिट नहीं कराया है। विकास खंड सदर में 116 के सापेक्ष 85, गैंड़ास बुजुर्ग में 42 के सापेक्ष 36, गैंसड़ी में 110 के सापेक्ष 93, हरैया सतघरवा में 110 के सापेक्ष 37, पचपेड़वा में 99 के सापेक्ष शून्य, रेहरा बाजार में 81 के सापेक्ष 26, श्रीदत्तगंज में 70 के सापेक्ष 55, तुलसीपुर में 100 के सापेक्ष 78 व उतरौला में 65 के सापेक्ष 55 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि का आडिट कराया है।
-ऑडिट कराने में पचपेड़वा ब्लॉक सबसे फिसड्डी है। यहां अभी तक एक भी ग्राम पंचायत ने विकास कार्यों की ऑडिट नहीं कराया है। दूसरे नंबर पर आने वाले रेहरा बाजार में 81 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 55 का ऑडिट होना बाकी बचा है। हरैया सतघरवा में 110 में से 73, ब्लॉक सदर में 116 में से 31, गैड़ास बुजुर्ग में 42 में से 6 , गैंसड़ी में 110 में से 23, श्रीदत्तगंज में 70 में से 15, तुलसीपुर में 100 में से 22 व उतरौला में 65 में से 10 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि का ऑडिट अभी तक नहीं हुआ है।
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-जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि ऑडिट से वंचित सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को विकास कार्यों पर खर्च धनराशि का ऑडिट 30 अप्रैल तक कराने का निर्देश दिया गया है। तय समयावधि तक ऑडिट कार्य पूरा न करने वाली ग्राम पंचायतों के 15वें वित्त के भुगतान पर रोक लगने के साथ ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी तय होगी।
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जिले में 793 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा व 15वें वित्त आयोग से गांवों में सड़क, नाली, खड़ंजा व तालाबों आदि के निर्माण पर खर्च होने वाली धनराशि का ग्राम पंचायतों को आडिट कराना अनिवार्य है। अभी तक 58 फीसद के साथ 465 ग्राम पंचायतों ने ही आडिट कराया है, जबकि 42 फीसद के साथ 337 ग्राम पंचायतों ने अभी तक विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि का आडिट नहीं कराया है। विकास खंड सदर में 116 के सापेक्ष 85, गैंड़ास बुजुर्ग में 42 के सापेक्ष 36, गैंसड़ी में 110 के सापेक्ष 93, हरैया सतघरवा में 110 के सापेक्ष 37, पचपेड़वा में 99 के सापेक्ष शून्य, रेहरा बाजार में 81 के सापेक्ष 26, श्रीदत्तगंज में 70 के सापेक्ष 55, तुलसीपुर में 100 के सापेक्ष 78 व उतरौला में 65 के सापेक्ष 55 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों पर खर्च होने वाली धनराशि का आडिट कराया है।
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-ऑडिट कराने में पचपेड़वा ब्लॉक सबसे फिसड्डी है। यहां अभी तक एक भी ग्राम पंचायत ने विकास कार्यों की ऑडिट नहीं कराया है। दूसरे नंबर पर आने वाले रेहरा बाजार में 81 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 55 का ऑडिट होना बाकी बचा है। हरैया सतघरवा में 110 में से 73, ब्लॉक सदर में 116 में से 31, गैड़ास बुजुर्ग में 42 में से 6 , गैंसड़ी में 110 में से 23, श्रीदत्तगंज में 70 में से 15, तुलसीपुर में 100 में से 22 व उतरौला में 65 में से 10 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि का ऑडिट अभी तक नहीं हुआ है।
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-जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि ऑडिट से वंचित सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को विकास कार्यों पर खर्च धनराशि का ऑडिट 30 अप्रैल तक कराने का निर्देश दिया गया है। तय समयावधि तक ऑडिट कार्य पूरा न करने वाली ग्राम पंचायतों के 15वें वित्त के भुगतान पर रोक लगने के साथ ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी तय होगी।