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एंबुलेंस में मरीज की जगह ढोए जा रहे तख्त
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बलरामपुर। मरीजों के लिए संजीवनी कही जा रही 102 तथा 108 एंबुलेंस सेवाओं का लगातार दुरुपयोग हो रहा है। एंबुलेंस में मरीज की जगह लकड़ी की चौकी ढोई जा रही है। यही नहीं एंबुलेंस को कागजों में दौड़ाकर राजस्व को चूना भी लगाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी अब मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जिले में कुल 50 गाड़ियां संचालित कर रही है। इन गाड़ियों में संविदा कर्मी व चालक तैनात हैं। जीवनदायिनी एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इन गाड़ियों के संचालन में भारी गोलमाल किया जा रहा है। मार्च में बलरामपुर जिले की एंबुलेंस में लकड़ी की चौकी (तख्त) लादकर बहराइच के सलारपुर गांव ले जाया गया था। चौकी उतारते समय स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया तथा इस अनियमितता पर नाराजगी जताई तो चालक लोगों से उलझ गया था। लोगों ने एंबुलेंस में लदी लकड़ी की चौकी का वीडियो भी बनाया है।
इससे पहले गोंडा जिले में एक एंबुलेंस बाइक लादकर बहराइच गई थी। इसी तरह जिले में फर्जी केस बनाकर एंबुलेंस को कागजों में खूब दौड़ाया जा रहा है। कुछ ऐसी गाड़ियां भी हैं जो एक चक्कर भी चलने लायक नहीं हैं लेकिन कागजों में रोज उन्हें कई चक्कर दौड़ाया जा रहा है। यही नहीं जिन कर्मियों ने इन फर्जीवाड़े में शामिल होने से मना किया, कंपनी ने उनकी सेवा ही समाप्त कर दी। बताया जा रहा है कि फर्जी केस व चक्कर दिखाकर हर महीने सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जिम्मेदार अफसर तो बता रहे हैं कि बहराइच में जो चालक पकड़ा गया था, उसे निलंबित कर दिया गया है लेकिन हकीकत यह है कि वह अभी भी ड्यूटी कर रहा है। अध्यक्ष ने यह दावा किया है कि यदि रोज बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए तो कई अफसरों की गर्दन भी फंस सकती है।
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कराई जा रही जांच
एंबुलेंस में लकड़ी की चौकी लेकर बहराइच जाने वाले चालक को निलंबित कर दिया गया है। फर्जी केस व फर्जी चक्कर की जांच के लिए सेवा प्रदाता कंपनी से जीपीएस का विवरण मांगा गया है। यदि ऐसी अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बीपी सिंह, एसीएमओ, बलरामपुर
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102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जिले में कुल 50 गाड़ियां संचालित कर रही है। इन गाड़ियों में संविदा कर्मी व चालक तैनात हैं। जीवनदायिनी एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इन गाड़ियों के संचालन में भारी गोलमाल किया जा रहा है। मार्च में बलरामपुर जिले की एंबुलेंस में लकड़ी की चौकी (तख्त) लादकर बहराइच के सलारपुर गांव ले जाया गया था। चौकी उतारते समय स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया तथा इस अनियमितता पर नाराजगी जताई तो चालक लोगों से उलझ गया था। लोगों ने एंबुलेंस में लदी लकड़ी की चौकी का वीडियो भी बनाया है।
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इससे पहले गोंडा जिले में एक एंबुलेंस बाइक लादकर बहराइच गई थी। इसी तरह जिले में फर्जी केस बनाकर एंबुलेंस को कागजों में खूब दौड़ाया जा रहा है। कुछ ऐसी गाड़ियां भी हैं जो एक चक्कर भी चलने लायक नहीं हैं लेकिन कागजों में रोज उन्हें कई चक्कर दौड़ाया जा रहा है। यही नहीं जिन कर्मियों ने इन फर्जीवाड़े में शामिल होने से मना किया, कंपनी ने उनकी सेवा ही समाप्त कर दी। बताया जा रहा है कि फर्जी केस व चक्कर दिखाकर हर महीने सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जिम्मेदार अफसर तो बता रहे हैं कि बहराइच में जो चालक पकड़ा गया था, उसे निलंबित कर दिया गया है लेकिन हकीकत यह है कि वह अभी भी ड्यूटी कर रहा है। अध्यक्ष ने यह दावा किया है कि यदि रोज बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए तो कई अफसरों की गर्दन भी फंस सकती है।
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कराई जा रही जांच
एंबुलेंस में लकड़ी की चौकी लेकर बहराइच जाने वाले चालक को निलंबित कर दिया गया है। फर्जी केस व फर्जी चक्कर की जांच के लिए सेवा प्रदाता कंपनी से जीपीएस का विवरण मांगा गया है। यदि ऐसी अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बीपी सिंह, एसीएमओ, बलरामपुर