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Balrampur News: नहरों में सूखते जा रहे अच्छी फसलों के अरमान
Thu, 11 Jun 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:25 PM IST
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फोटो-1-बलरामपुर में सूखा पड़ा इटवा रजवाहा (नहर) ।-संवाद
रेहराबाजार। इटवा नहर में पिछले एक माह से पानी न छोड़े जाने के कारण क्षेत्र के गन्ना किसानों के सामने गंभीर सिंचाई संकट खड़ा हो गया है। नहर सूखी होने से विकास खंड के 45 गांवों के 900 से अधिक किसान प्रभावित हैं, जबकि करीब 450 एकड़ गन्ने की फसल पानी के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच रही है।
गन्ना किसान रामसजीवन, रामू वर्मा, आज्ञाराम, केशवराम, जगप्रसाद, रंगीलाल, शफीक और शमीम सहित कई किसानों ने बताया कि लगभग एक माह से नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे गन्ने की फसल को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है और नुकसान बढ़ता जा रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि फसल को बचाया जा सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। किसानों ने कहा कि विकास खंड के 90 प्रतिशत किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं और गन्ना यहां की प्रमुख नकदी फसल है। वर्तमान समय में फसल की सिंचाई अत्यंत आवश्यक है, लेकिन नहर में पानी न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार पड़ रही गर्मी और नमी की कमी से फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
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गन्ना किसान रामसजीवन, रामू वर्मा, आज्ञाराम, केशवराम, जगप्रसाद, रंगीलाल, शफीक और शमीम सहित कई किसानों ने बताया कि लगभग एक माह से नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे गन्ने की फसल को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है और नुकसान बढ़ता जा रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि फसल को बचाया जा सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। किसानों ने कहा कि विकास खंड के 90 प्रतिशत किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं और गन्ना यहां की प्रमुख नकदी फसल है। वर्तमान समय में फसल की सिंचाई अत्यंत आवश्यक है, लेकिन नहर में पानी न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार पड़ रही गर्मी और नमी की कमी से फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
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