फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Help is not reaching the flood victims

बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंच रही मदद

Wed, 18 Sep 2019 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 10:39 PM IST
विज्ञापन
Help is not reaching the flood victims
ललिया (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के सहिबानगर गांव राप्ती नदी की कटान से विलुप्त हो रहा है। कटान पीड़ितों के दर्द पर कोई मरहम नहीं लगा पा रहा है। कटान पीड़ितों ने शासन प्रशासन पर उपेक्षा बरतने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

सदर तहसील के कई गांवों में राप्ती नदी घरों व फसलों से खड़ी खेतों को पिछली तीन दिनों से निगल रही है। कटान पीड़ित अपने हाथों से आशियाना उजाड़ रहे हैं। कटान पीड़ितों का आरोप है कि अभी तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली है। मौके पर पहुंचे बाढ़ खंड के अफसरों को भी कटान रोकने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।
विज्ञापन

सहिबानगर निवासी सियाराम, हरिराम, सहजराम, सालिकराम, राधिका, रामेश्वर, पुत्तीलाल, गंगासागर, संतराम, ज्ञानदास, श्याम दास आदि ने शासन प्रशासन पर आरोप लगाया कि राप्ती नदी की हो रही कटान को रोकने के लिए अभी तक कोई नहीं आया है। बाढ़ खंड के दो-एक अधिकारी गांव में पहुंचकर मात्र बोरियां डालकर चले गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव का करीब 30 घर कटकर राप्ती नदी में विलीन हो चुका है। बेघर हुए लोगों को दूसरों के घर में ठहरकर जीवन काटना पड़ रहा है। 40 वर्ष पुराना बना पक्का मकान भी अपने हाथों से तोड़कर उजाड़ना पड़ रहा है। गांव के कई कच्चे व पक्के मकान राप्ती नदी में विलीन हो चुके हैं। कटान के तीन दिन बीत गए हैं। बाकी बचे गांव के लोगों को कटान का डर सता रहा है। राप्ती नदी में अरार गिरते ही गांव के लोगों का दिल दहल जाता है।
पिछले साल भी गांव के 6-7 घरों को राप्ती ने निगल लिया था। यदि उसी समय कोई प्रयास किया जाता तो आज पूरा गांव तबाही से बच जाता। राप्ती नदी सहिबानगर के साथ-साथ लालपुर, फगुइया, गोंसाईपुरवा, झौहना आदि गांव को भी अपना निशाना बना रही है। इन गांवों के लोगों का सैकड़ों बीघे जमीन लहलहाती फसलों के साथ राप्ती नदी में विलीन हो रहा है।
लोगों का कहना है कि खेत में खड़ी फसल कट जाने से परिवार भूखो मर जाएगी। बाढ़ खंड के जेई राज कुंवर सिंह ने बताया कि सहिबानगर गांव के पास राप्ती नदी का कटान रोकने के लिए बोरियों में बालू भरकर डाला जा रहा है। कटान तेज होने के चलते काबू करने में दिक्कते आ रही हैं।

एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिन गांवों में कटान हो रही है वहां राजस्व निरीक्षकों व हलका लेखपालों को जांच के लिए भेजा गया है। बाढ़ खंड के अफसरों व कर्मियों को भी कटान रोकने का उपाय करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed