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स्कूल, घर व खेत संग राप्ती में डूब रहा सरकारी बजट

Thu, 10 Sep 2020 10:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 10:00 PM IST
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Government budget drowned in the rapti with school, home and farm
बलरामपुर का कल्यानपुर में स्कूल नदी की धारा में समाहित होने के बाद कटान कर रही राप्ती नदी - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। बीते करीब तीन महीने से राप्ती नदी की कटान जोरों पर है। नदी की कटान में गई गांव डूब चुक हैं और कई डूबने की कगार पर हैं। स्कूल व घरों के साथ-साथ किसानों के खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। फ्लड फाइटिंग के नाम पर बाढ़ खंड के अफसर व ठेकेदार गोलमाल कर रहे हैं। वहीं लोग बाढ़ की मार झेलने पर मजबूर हैं। कटानरोधी कार्य के लिए स्वीकृत बजट का कितना खर्च हुआ इसका भी कोई हिसाब नहीं। कटान पीड़ितों ने डीएम से कटानरोधी कार्य में व्यय की धनराशि तथा उससे होने वाले लाभ की जांच कराने की मांग की है।
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विदित हो कि राप्ती नदी 34 स्थानों पर कटान का कहर बरपा रही है। बाढ़ खंड के अभियंता कटान रोकने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। यह पैसा भी स्कूल, घर व खेतों के साथ पानी में डूब रहा है। कटान रोकने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बंबू कैरेट, ट्री स्पर व बालू की बोरियां कहां कितनी डाली जा रही है कुछ पता नहीं। स्वीकृत बजट, प्राप्त बजट व खर्च किए गए बजट की जानकारी किसे है इस बात का जवाब भी किसी के पास नहीं है।
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वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत बजट
करमहना तटबंध-214.26 लाख
इमीलिया खादर तटबंध-387.53 लाख
चरनगहिया तटबंध-602.86 लाख
सहिबानगर सुरक्षा बांध-802.86 लाख
राजघाट तटबंध-757.12 लाख
कोड़री पुल सुरक्षा बांध-1610.34 लाख
बलरामपुर भड़रिया तटबंध तीन स्थानों पर -148.19 लाख
सूत्रों के मुताबिक कल्यानपुर गांव स्थित प्राइमरी स्कूल को कटान से बचाने के लिए करीब 20 लाख खर्च किए गए लेकिन स्कूल नदी की धारा में विलीन हो गया। लवकुश, कल्लू व यश पांडेय आदि ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड के अफसर कटान रोकने के बजाए सरकारी बजट का गोलमाल कर रहे हैं। विभाग अफसरों का कहना है कि स्कूल ग्रामीणों की मनमानी की बजट से नदी में कट गया। वहीं ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि कटान रोकने के लिए खर्च किए जा रहे बजट का स्थलीय सत्यापन कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
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इस संबंध में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता केके दिवाकर से पूछा गया तो उन्होंने सही जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह नहीं बताया कि कितना बजट मिला है और कितने की डिमांड भेजी गई है।

होगी जांच
राप्ती की कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने किन-किन स्थानों पर काम कराया है और इन कार्यों में कितना बजट खर्च हुआ है इन सभी बिन्दुओं पर जांच कराई जाएगी। जांच में यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। -कृष्णा करूणेश, डीएम बलरामपुर
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