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कलाकारों के लिए प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मौका
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बलरामपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सांस्कृतिक विधाओं में प्रतिभावान कलाकारों को मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। सांस्कृतिक प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 30 जुलाई तक आवेदन करना होगा। जिला स्तर पर दो से पांच अगस्त तक प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष कुमार ने बीते दिन बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से सांस्कृतिक प्रतिभा खोज प्रतियोगिता कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोकगायन, लोकनृत्य, लोकवादन, आदिवासी नृत्य, आल्हा गायन, लोक नाट्य, रामलीला, रासलीला, भजन, कीर्तन व ललित कला आदि विधाओं के प्रतिभावान कलाकार प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 30 जुलाई तक आवेदन करने वाले कलाकारों का चयन निर्णायक मंडल की ओर से किया जाएगा। किसी भी कलाकार से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। कलाकारों को अपने वाद्य यंत्रों व संगतकर्ताओं के साथ प्रतियोगिता में शामिल होना होगा।
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उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी कलाकारों को संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की डायरेक्टरी में पंजीकृत किया जाएगा और उनको क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। सभी कलाकारों को पंजीकरण के आधार पर ही आगामी कार्यक्रमों व सरकारी आयोजनों में प्रस्तुति का अवसर दिया जाएगा। आयोजन के संबंध में सभी जानकारी संस्कृति विभाग की वेबसाइट से हासिल की जा सकती है।
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प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष कुमार ने बीते दिन बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से सांस्कृतिक प्रतिभा खोज प्रतियोगिता कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोकगायन, लोकनृत्य, लोकवादन, आदिवासी नृत्य, आल्हा गायन, लोक नाट्य, रामलीला, रासलीला, भजन, कीर्तन व ललित कला आदि विधाओं के प्रतिभावान कलाकार प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 30 जुलाई तक आवेदन करने वाले कलाकारों का चयन निर्णायक मंडल की ओर से किया जाएगा। किसी भी कलाकार से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। कलाकारों को अपने वाद्य यंत्रों व संगतकर्ताओं के साथ प्रतियोगिता में शामिल होना होगा।
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उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले सभी कलाकारों को संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की डायरेक्टरी में पंजीकृत किया जाएगा और उनको क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। सभी कलाकारों को पंजीकरण के आधार पर ही आगामी कार्यक्रमों व सरकारी आयोजनों में प्रस्तुति का अवसर दिया जाएगा। आयोजन के संबंध में सभी जानकारी संस्कृति विभाग की वेबसाइट से हासिल की जा सकती है।