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Balrampur News: स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं वाटिका व उद्यान
Mon, 16 Jun 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:08 AM IST
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बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय में योग सप्ताह के पहले दिन रविवार को वाटिका, प्रकृति और शांति का आशियाना विषयक गोष्ठी हुई। इसमें विषय विशेषज्ञों ने मानव स्वास्थ्य के लिए वाटिका व उद्यान को लाभकारी बताते हुए इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की।
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में एमएलके महाविद्यालय में योग सप्ताह मनाया जा रहा है। योग सप्ताह के तहत अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पहले दिन गोष्ठी का आयोजन किया गया।
डॉ. पंकज गुप्त ने कहा कि प्रकृति में वाटिका की बहुत उपयोगिता है। एक अच्छी वाटिका का विकास कैसे किया जाए, इसके बारे में बताया। उन्होंने वाटिका में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों को चुनने का तरीका बताया। कहा कि औषधीय पौधों को लगाकर वाटिका को मनमोहक बनाया जा सकता है। वाटिका में बैठकर मन शांत होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।
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नोडल अधिकारी प्रो. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि विभिन्न जड़ी-बूटी व वनस्पतियों से युक्त वाटिका में योग एवं आसान करने से शारीरिक व आध्यात्मिक उन्नति होती है। इस बीच शिक्षकों ने ताड़ासन, अधिचक्र कटि आसान, बज्र आसान, अनुलोम-विलोम व भ्रामरी आदि का अभ्यास किया।
इस अवसर पर डॉ. केके सिंह, डॉ. आशीष लाल, प्रो. पीके सिंह, डॉ. लवकुश पांडेय, डॉ. देवेंद्र चौहान, श्रीनारायण सिंह, अमन व शिव प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में एमएलके महाविद्यालय में योग सप्ताह मनाया जा रहा है। योग सप्ताह के तहत अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पहले दिन गोष्ठी का आयोजन किया गया।
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डॉ. पंकज गुप्त ने कहा कि प्रकृति में वाटिका की बहुत उपयोगिता है। एक अच्छी वाटिका का विकास कैसे किया जाए, इसके बारे में बताया। उन्होंने वाटिका में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों को चुनने का तरीका बताया। कहा कि औषधीय पौधों को लगाकर वाटिका को मनमोहक बनाया जा सकता है। वाटिका में बैठकर मन शांत होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।
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नोडल अधिकारी प्रो. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि विभिन्न जड़ी-बूटी व वनस्पतियों से युक्त वाटिका में योग एवं आसान करने से शारीरिक व आध्यात्मिक उन्नति होती है। इस बीच शिक्षकों ने ताड़ासन, अधिचक्र कटि आसान, बज्र आसान, अनुलोम-विलोम व भ्रामरी आदि का अभ्यास किया।
इस अवसर पर डॉ. केके सिंह, डॉ. आशीष लाल, प्रो. पीके सिंह, डॉ. लवकुश पांडेय, डॉ. देवेंद्र चौहान, श्रीनारायण सिंह, अमन व शिव प्रसाद आदि मौजूद रहे।