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Balrampur News: रोटी, कपड़ा और मकान, टैक्स में छूट की आस
Sat, 01 Feb 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:00 AM IST
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बलरामपुर। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उद्योग जगत हो या किसान, मजदूर हो या सर्विस क्लास हर आदमी को उम्मीद है कि एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में सभी का ध्यान रखा जाएगा। लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी। स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा मिले, जिससे देश में युवाओं को रोजगार मिल सके। रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ टैक्स में छूट का अरमान भी लोगों के मन में है।
छोटे व्यापारियों को मिले राहत
- ऐसा बजट पेश किया जाए, जिससे व्यापारियों को राहत मिले। आटा, सूजी और आवश्यक खाद्य पदार्थों की महंगाई में कमी आए, इसके लिए जीएसटी में सहूलियत मिलनी चाहिए। खाद्य पदार्थों की कमी से जहां गरीबों पर महंगाई का बोझ कम होगा, वहीं व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। ऐसा बजट हो जिससे आटा, चावल व दाल आदि की कीमतों में कमी आए।
रमेश पहवा, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल
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घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर कर में मिले छूट
- जीएसटी अधिक होने के कारण घरेलू उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं। भारत सरकार व वित्तमंत्री इस बार महिलाओं को राहत देने वाला बजट पेश करें। रोजमर्रा की घरेलू चीजों पर जीएसटी कम करके महंगाई कम करे। महंगाई से राहत व शिक्षा आदि पर विशेष ध्यान रखते हुए बजट पेश किया जाए।
रितिका जायसवाल, गृहिणी
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हर वर्ग की आय बढ़ाने वाला हो बजट
- बजट ऐसा होना चाहिए जिससे हर वर्ग की आय बढ़े। किसान व मजदूरों के दैनिक मजदूरी में वृद्धि करके आमदनी बढ़ाने का बजट होना चाहिए। सभी फसलों पर एमएसपी लागू किया जाए। उर्वरक, बीज व रासायिक दवाओं के मूल्य में कमी लाई जाए। किसानों के लिए पेंशन स्कीम भी लागू किया जाए।
पुजारी मौर्य, किसान
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स्वदेशी उत्पादन को मिले बढ़ोत्तरी
- बजट ऐसा हो जिसमें सभी श्रेणी के लोगों का विकास हो सके। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्राविधान होना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों को बेचने में सरकार मदद करे तो उद्यमी को फायदा मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बैंक लोन की ब्याज दरें अधिक है, इन्हें कम करने की आवश्यकता है। टैक्स दरें कम हो और उसका अधिक से अधिक सरलीकरण किया जाए ताकि लोग टैक्स देने के लिए प्रोत्साहित हों।
-अखंड प्रताप सिंह, युवा उद्यमी
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बढ़ाया जाए टैक्स स्लैब
- वर्तमान में टैैक्स लिमिट सात लाख रुपए है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही बजट में पुरानी पेंशन बहाली का भी प्राविधान होना चाहिए। कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा छिन जाने से वे बहुत हताश व निराश हैं। लाखों कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन को बहाल किया जाना चाहिए।
-पवन कुमार, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ अध्यक्ष
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युवाओं को मिले नौकरी
- आम बजट में रोजगार देने के लिए खास प्राविधान किया जाना चाहिए। युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। उनको रोजगार की आवश्यकता है। रोजगार का अवसर बढ़ाने के लिए सरकार को स्थानीय स्तर पर उद्योग विकसित करने के लिए बजट देना चाहिए।
- रवि चंद्र सोनी, युवा
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छोटे व्यापारियों को मिले राहत
- ऐसा बजट पेश किया जाए, जिससे व्यापारियों को राहत मिले। आटा, सूजी और आवश्यक खाद्य पदार्थों की महंगाई में कमी आए, इसके लिए जीएसटी में सहूलियत मिलनी चाहिए। खाद्य पदार्थों की कमी से जहां गरीबों पर महंगाई का बोझ कम होगा, वहीं व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। ऐसा बजट हो जिससे आटा, चावल व दाल आदि की कीमतों में कमी आए।
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रमेश पहवा, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल
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घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर कर में मिले छूट
- जीएसटी अधिक होने के कारण घरेलू उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं। भारत सरकार व वित्तमंत्री इस बार महिलाओं को राहत देने वाला बजट पेश करें। रोजमर्रा की घरेलू चीजों पर जीएसटी कम करके महंगाई कम करे। महंगाई से राहत व शिक्षा आदि पर विशेष ध्यान रखते हुए बजट पेश किया जाए।
रितिका जायसवाल, गृहिणी
हर वर्ग की आय बढ़ाने वाला हो बजट
- बजट ऐसा होना चाहिए जिससे हर वर्ग की आय बढ़े। किसान व मजदूरों के दैनिक मजदूरी में वृद्धि करके आमदनी बढ़ाने का बजट होना चाहिए। सभी फसलों पर एमएसपी लागू किया जाए। उर्वरक, बीज व रासायिक दवाओं के मूल्य में कमी लाई जाए। किसानों के लिए पेंशन स्कीम भी लागू किया जाए।
पुजारी मौर्य, किसान
स्वदेशी उत्पादन को मिले बढ़ोत्तरी
- बजट ऐसा हो जिसमें सभी श्रेणी के लोगों का विकास हो सके। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्राविधान होना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों को बेचने में सरकार मदद करे तो उद्यमी को फायदा मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बैंक लोन की ब्याज दरें अधिक है, इन्हें कम करने की आवश्यकता है। टैक्स दरें कम हो और उसका अधिक से अधिक सरलीकरण किया जाए ताकि लोग टैक्स देने के लिए प्रोत्साहित हों।
-अखंड प्रताप सिंह, युवा उद्यमी
बढ़ाया जाए टैक्स स्लैब
- वर्तमान में टैैक्स लिमिट सात लाख रुपए है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही बजट में पुरानी पेंशन बहाली का भी प्राविधान होना चाहिए। कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा छिन जाने से वे बहुत हताश व निराश हैं। लाखों कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन को बहाल किया जाना चाहिए।
-पवन कुमार, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ अध्यक्ष
युवाओं को मिले नौकरी
- आम बजट में रोजगार देने के लिए खास प्राविधान किया जाना चाहिए। युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। उनको रोजगार की आवश्यकता है। रोजगार का अवसर बढ़ाने के लिए सरकार को स्थानीय स्तर पर उद्योग विकसित करने के लिए बजट देना चाहिए।
- रवि चंद्र सोनी, युवा