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Balrampur News: कोहरे में फसलों पर रोग-कीट का खतरा बढ़ा
Mon, 22 Dec 2025 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 22 Dec 2025 10:57 PM IST
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बलरामपुर। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण फसलों में रोग व कीटों के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि किसान सरसों, चना, मटर, मसूर, गेहूं और सब्जी फसलों की नियमित निगरानी अवश्य करें। सरसों की फसल में माहू एवं अन्य कीटों का प्रकोप अधिक देखा जाता है। इसके नियंत्रण के लिए डायमिथोएट 30 ईसी की 0.750 लीटर मात्रा को 400 से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। मटर और मसूर की फसलों में सफेद मक्खी व रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम अथवा अनुशंसित कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी गई है।
वहीं, गेहूं की फसल में सकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार जैसे जंगली जई और गेहूं का मामा की अधिकता पाई जाती है। इनके नियंत्रण के सल्फोसल्फ्यूरॉन या क्लोडिनाफॉप का निर्धारित मात्रा में प्रयोग करने को कहा गया है। किसान फसलों में किसी भी प्रकार के रोग या कीट के लक्षण दिखने पर तुरंत विभाग से संपर्क करें। किसान अपनी फसल से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए व्हाट्सएप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर फोटो भेज सकते हैं। (संवाद)
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि किसान सरसों, चना, मटर, मसूर, गेहूं और सब्जी फसलों की नियमित निगरानी अवश्य करें। सरसों की फसल में माहू एवं अन्य कीटों का प्रकोप अधिक देखा जाता है। इसके नियंत्रण के लिए डायमिथोएट 30 ईसी की 0.750 लीटर मात्रा को 400 से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। मटर और मसूर की फसलों में सफेद मक्खी व रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम अथवा अनुशंसित कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी गई है।
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वहीं, गेहूं की फसल में सकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार जैसे जंगली जई और गेहूं का मामा की अधिकता पाई जाती है। इनके नियंत्रण के सल्फोसल्फ्यूरॉन या क्लोडिनाफॉप का निर्धारित मात्रा में प्रयोग करने को कहा गया है। किसान फसलों में किसी भी प्रकार के रोग या कीट के लक्षण दिखने पर तुरंत विभाग से संपर्क करें। किसान अपनी फसल से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए व्हाट्सएप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर फोटो भेज सकते हैं। (संवाद)
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