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अब बूढ़ी राप्ती नदी में मचाई बाढ़ की तबाही

Fri, 28 Jun 2019 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 11:51 PM IST
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Flood in Boodhi Rapti river
फोटो-15-बलरामपुर के ललिया क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क व पुल - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। जिले में अब बूढ़ी राप्ती नदी ने बाढ़ की तबाही मचाई है। 50 गांव टापू बन गए है। लोगों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है। वहीं ललिया थाना क्षेत्र के चौधरीडीह जाने वाली सड़क पर करमैती गांव के पास बना पुल ढह गया है जिससे आवागमन बाधित हो गया है। छह दिन बाद शुक्रवार को नेशनल हाईवे पर आवागमन बहाल हो सका है।
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पचपेड़वा थाना क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। लक्ष्मीनगर चौराहा से खादर को जाने वाला रास्ता बूढ़ी राप्ती ने काट डाला है जिससे 50 गांवों का आवागमन बंद हो गया है। लक्ष्मीनगर खादर क्षेत्र से ललभरिया, कोहरगड्डी, परसोना, कुटी रमतलहा, पजोहा, हज्जीडीह सहित 50 गांवों का आवागमन बंद है। मधवानगर खादर के ग्राम प्रधान गुड्डू चौधरी ने बताया कि लगातार दो दिनों से संपर्क मार्ग पर पानी बहने और कटने के चलते आवागमन बाधित हुआ है। बूढ़ी राप्ती का जलस्तर घटने लगा है। पुरवा परसौना गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी का कटान तेज हो गया है। बोरियों में बालू भरकर कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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बूढ़ी राप्ती का कटान रोकने में बाढ़ खंड की तरफ से घोर लापरवाही बरती जा रही है। जहां कटान हो चुका है वहीं कटान के पास पानी में बोरियां फेंक दी जा रही है। ऐसे हालात में बूढ़ी राप्ती नदी का कटान रोक पाना संभव नहीं हो सकेगा। हल्का लेखपाल बेचईराम वर्मा क्षेत्र में मौजूद है जिसमें अब तक किसी के जानमाल की कोई सूचना नहीं है। ललिया थाना क्षेत्र के मथुरा बाजार-चौधरीडीह जाने वाली सड़क पर करमैती गांव के पास बना पुल पहाड़ी नालों में आई बाढ़ की वजह से ढह गया है। पुल ढहने से कई दर्जन गांव का आवागमन बाधित हो गया है। प्रशासन की तरफ से लाल झंडी लगाकर इतिश्री कर ली गई है। लोग पानी में होकर जरूरी काम के लिए आवागमन करने को मजबूर हैं। बीते रविवार को आई बाढ़ के बाद तुलसीपुर नेशनल हाइवे कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। गुरुवार को प्रशासन ने पानी कम होने पर लौकहवा डिप पर मिट्टी पटान कर आवागमन शुरू कराने की कोशिश तो की लेकिन शुक्रवार 10 बजे तक मार्ग पर आवागमन बहाल नहीं हो सका। तुलसीपुर तहसील की लगभग आठ लाख आबादी जिला मुख्यालय से कटी हुई थी। शुक्रवार की दोपहर के बाद से नेशनल हाईवे पर छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन बहाल करा दिया गया है।
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