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Balrampur News: छात्रवृत्ति के 5497 आवेदनों में मिली खामी, जांच शुरू
Fri, 03 Mar 2023 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 03 Mar 2023 12:01 AM IST
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बलरामपुर। जिले के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को समाज कल्याण विभाग से दी जाने वाली छात्रवृत्ति के आवेदनों में गड़बड़ी मिली है। 5497 आवेदनों में लगाए गए प्रपत्र संदिग्ध मिलने के बाद अब इनकी जांच शुरू हो गई है। इसके लिए 52 कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखा गया है। शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के कमेटी की बैठक बुलाई गई है।
छात्र कॉलेज के माध्यम से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं। इस साल जिले के 52 कॉलेजों के 11 हजार 516 छात्रों ने आवेदन किया है। शासन स्तर पर वेबसाइट से जब इनकी जांच की गई तो मात्र 6019 के ही आवेदन सही मिले। इन छात्रों की छात्रवृत्ति भेजने की तैयारी विभाग कर रहा है।
जबकि सामान्य वर्ग के 1852, अनुसूचित जाति के 541, अनुसूचित जनजाति के 60, अन्य पिछड़ा वर्ग के 2212 व अल्पसंख्यक वर्ग के 832 छात्रों के आवेदनों में खामियां पकड़ में आईं हैं। इन आवेदनों को संदिग्ध दायरे में रखकर विभाग सत्यापन में जुट गया है। इसने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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किस तरह की हैं आपत्तियां
संदिग्ध आवेदनों में पाया गया है कि किसी का आय प्रमाणपत्र का मिलान नहीं हो पा रह है या फिर एक ही आय प्रमाणपत्र से कई आवेदन किए गए हैं। यही नहीं, 75 फीसदी उपस्थिति न होने के कारण भी समस्या है। सेमेस्टर परीक्षा पास करने के बाद डाटा अपलोड न होने के कारण आवेदन संदिग्ध कैटेगरी में आ गए हैं।
कहां आई दिक्कत
संदिग्ध डाटा की जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उदाहरण के तौर पर अगर दो भाई पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग आवेदन तो किया है लेकिन पिता का आय प्रमाणपत्र एक ही लगा दिया है। ऐसे आवेदन संदिग्ध की श्रेणी में आ गए हैं। नवंबर में जब आवेदन फार्म भरा गया, उस वक्त की उपस्थिति के आधार पर कॉलेजों ने उनकी हाजिरी भर दी। अब 75 फीसदी उपस्थिति का पेच फंस गया है। विभाग अब सत्यापन की बात कह रहा है।
जिले के 5497 छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन में कमी पकड़ी गई है। इन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच कराई जा रही है। कॉलेजों को पत्र लिखा गया है। शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी।
- एमपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलरामपुर
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छात्र कॉलेज के माध्यम से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं। इस साल जिले के 52 कॉलेजों के 11 हजार 516 छात्रों ने आवेदन किया है। शासन स्तर पर वेबसाइट से जब इनकी जांच की गई तो मात्र 6019 के ही आवेदन सही मिले। इन छात्रों की छात्रवृत्ति भेजने की तैयारी विभाग कर रहा है।
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जबकि सामान्य वर्ग के 1852, अनुसूचित जाति के 541, अनुसूचित जनजाति के 60, अन्य पिछड़ा वर्ग के 2212 व अल्पसंख्यक वर्ग के 832 छात्रों के आवेदनों में खामियां पकड़ में आईं हैं। इन आवेदनों को संदिग्ध दायरे में रखकर विभाग सत्यापन में जुट गया है। इसने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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किस तरह की हैं आपत्तियां
संदिग्ध आवेदनों में पाया गया है कि किसी का आय प्रमाणपत्र का मिलान नहीं हो पा रह है या फिर एक ही आय प्रमाणपत्र से कई आवेदन किए गए हैं। यही नहीं, 75 फीसदी उपस्थिति न होने के कारण भी समस्या है। सेमेस्टर परीक्षा पास करने के बाद डाटा अपलोड न होने के कारण आवेदन संदिग्ध कैटेगरी में आ गए हैं।
कहां आई दिक्कत
संदिग्ध डाटा की जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उदाहरण के तौर पर अगर दो भाई पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग आवेदन तो किया है लेकिन पिता का आय प्रमाणपत्र एक ही लगा दिया है। ऐसे आवेदन संदिग्ध की श्रेणी में आ गए हैं। नवंबर में जब आवेदन फार्म भरा गया, उस वक्त की उपस्थिति के आधार पर कॉलेजों ने उनकी हाजिरी भर दी। अब 75 फीसदी उपस्थिति का पेच फंस गया है। विभाग अब सत्यापन की बात कह रहा है।
जिले के 5497 छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन में कमी पकड़ी गई है। इन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच कराई जा रही है। कॉलेजों को पत्र लिखा गया है। शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी।
- एमपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलरामपुर