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Balrampur News: लाइलाज बीमारी है फाइलेरिया, दवा खाने से ही सुरक्षित रहेंगे लोग
Tue, 01 Aug 2023 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:33 PM IST
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बलरामपुर के एक होटल में आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग।
बलरामपुर। फाइलेरिया या हाथीपांव एक लाइलाज बीमारी है। एक बार शरीर में इसके लक्षण दिखने पर फाइलेरिया बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती है। इसके बचाव के लिए 10 से 28 अगस्त तक विशेष अभियान चालाया जाएगा। अभियान के दौरान आशा घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी।
यह बातें सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने मंगलवार को एक होटल में मीडिया कार्याशाला को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहाकि फाइलेरिया के कृमि मच्छरों के कटाने से फैलते हैं। व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने के बाद फाइलेरिया का परजीवी कृमि तुरंत असर नहीं दिखाता है। कई केस में 10 से 15 साल बाद फाइलेरिया प्रभावी होता है। सीएमओ ने अभियान में शत-प्रतिशत लोगों से दवा खाने की अपील की।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने कहाकि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में आशा दो से पांच साल के बच्चों को एक गोली डीईसी, 6 से 15 वर्ष तक दो गोली डीईएसी और 15 साल से अधिक उम्र वालों को तीन गोली डीईएस व एक गोली एल्बेंडाजॉल खिलाएंगी। स्वास्थ्य कर्मी के घर पहुंचने पर लोग पूरे परिवार को दवा अवश्य खिलाएं। एक खुराक दवा उम्र भर की बीमारी से बचाएगी।
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एसीएमओ डॉ. एके शुक्ल ने कहाकि फाइलेरिया के लक्षण में कई दिनों तक रुक-रुक कर बुखार आना, शरीर में दर्द, हाथ व पैरों में सूजन के साथ पुरुषों के अंडकोष महिलाओं के स्तन में सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं। अभियान में दवा खाकर लोग इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं।
कार्यशाला के अंत में लोगों को फाइलेरिया अभियान में पूर्ण सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह, डॉद्य. अनिल कुमार चौधरी, डीपीएम शिवेन्द्र मणि त्रिपाठी, मलेरिया इंस्पेक्टर हिमांशु वर्मा, डब्ल्यूएचओ की शिखा श्रीवास्तव, पाथ की क्षेत्रीय नोडल डॉ. अपर्णा यादव आदि मौजूद रहीं।
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यह बातें सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने मंगलवार को एक होटल में मीडिया कार्याशाला को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहाकि फाइलेरिया के कृमि मच्छरों के कटाने से फैलते हैं। व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने के बाद फाइलेरिया का परजीवी कृमि तुरंत असर नहीं दिखाता है। कई केस में 10 से 15 साल बाद फाइलेरिया प्रभावी होता है। सीएमओ ने अभियान में शत-प्रतिशत लोगों से दवा खाने की अपील की।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने कहाकि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में आशा दो से पांच साल के बच्चों को एक गोली डीईसी, 6 से 15 वर्ष तक दो गोली डीईएसी और 15 साल से अधिक उम्र वालों को तीन गोली डीईएस व एक गोली एल्बेंडाजॉल खिलाएंगी। स्वास्थ्य कर्मी के घर पहुंचने पर लोग पूरे परिवार को दवा अवश्य खिलाएं। एक खुराक दवा उम्र भर की बीमारी से बचाएगी।
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एसीएमओ डॉ. एके शुक्ल ने कहाकि फाइलेरिया के लक्षण में कई दिनों तक रुक-रुक कर बुखार आना, शरीर में दर्द, हाथ व पैरों में सूजन के साथ पुरुषों के अंडकोष महिलाओं के स्तन में सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं। अभियान में दवा खाकर लोग इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं।
कार्यशाला के अंत में लोगों को फाइलेरिया अभियान में पूर्ण सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह, डॉद्य. अनिल कुमार चौधरी, डीपीएम शिवेन्द्र मणि त्रिपाठी, मलेरिया इंस्पेक्टर हिमांशु वर्मा, डब्ल्यूएचओ की शिखा श्रीवास्तव, पाथ की क्षेत्रीय नोडल डॉ. अपर्णा यादव आदि मौजूद रहीं।