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पुराने असलहे व साइकिल से वन माफियाओं का मुकबला कर रहे वनकर्मी
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बलरामपुर। वन माफियाओं के आधुनिक हथियार का मुकाबला वनकर्मी पुराने असलहे व साइकिल से कर रहे हैं। वन विभाग के पास न तो पर्याप्त संसाधन मौजूद है न ही वनकर्मी।
स्वीकृत पद के सापेक्ष आधे कर्मियों की भी तैनाती न होने से वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। माफिया वन संपदा को तेजी से खाली कर रहे हैं। जंगल में पेड़ की जगह बूूट ही बूट नजर आने लगे हैं। माफियाओं का मुकाबला करते हुए कई बार वनकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।
सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्र अंतर्गत हरैया सतघरवा में बरहवा व बनकटवा रेंज आता है। बनकटवा रेंज 9672 हेक्टेअर तथा बरहवा रेंज 1115 हेक्टर में फैला हुआ है। बनकटवा रेंज में जहां सात बीट टिकुलीगढ़ पूर्वी, टिकुलीगढ़ पश्चिमी, खैरमान उत्तरी, खैरमान दक्षिणी, चौधरीडीह, पिपरा तथा रहटावल आता है वहीं बरहवा रेंज में गनेशपुर, नंदमहरा, भदवार उत्तरी, भदवार दक्षिणी, तेंदुआनगर, लौकी व बरहवा बीट आते हैं।
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हजारों हेक्टेअर में फैले जंगल की रखवाली के लिए वन विभाग के पास वनकर्मी व संसाधनों की भारी कमी है। दोनों रेंज में दो रेंजर की तैनाती होनी चाहिए लेकिन एक रेंजर के भरोसे ही दोनों रेंज की रखवाली का जिम्मा है।
दोनों रेंज आबादी क्षेत्र से सटा होने के कारण कटान रोक पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है। जंगली जानवर से आम जनमानस की सुरक्षा के लिए विभाग के पास एक-एक जर्जर कैंपर व एक-एक बाइक ही मुहैया कराया गया है।
बनकटवा रेंज में वर्ष 2019 में 77 लोगों पर तथा 2020-21 में 98 लोगों के खिलाफ वन विभाग अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें से 10 लोगों को जेल भी भेजा जा चुका है। इसके अलावा दो ट्रक अवैध जंगली लकड़ी तथा तीन पिकअप रेंज परिसर में लाकर सीज किया गया है। बरहवा रेंज में 135 लोगों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए छह वाहन सीज किए हैं। नौ लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
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स्वीकृत पद के सापेक्ष आधे कर्मियों की भी तैनाती न होने से वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। माफिया वन संपदा को तेजी से खाली कर रहे हैं। जंगल में पेड़ की जगह बूूट ही बूट नजर आने लगे हैं। माफियाओं का मुकाबला करते हुए कई बार वनकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।
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सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्र अंतर्गत हरैया सतघरवा में बरहवा व बनकटवा रेंज आता है। बनकटवा रेंज 9672 हेक्टेअर तथा बरहवा रेंज 1115 हेक्टर में फैला हुआ है। बनकटवा रेंज में जहां सात बीट टिकुलीगढ़ पूर्वी, टिकुलीगढ़ पश्चिमी, खैरमान उत्तरी, खैरमान दक्षिणी, चौधरीडीह, पिपरा तथा रहटावल आता है वहीं बरहवा रेंज में गनेशपुर, नंदमहरा, भदवार उत्तरी, भदवार दक्षिणी, तेंदुआनगर, लौकी व बरहवा बीट आते हैं।
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हजारों हेक्टेअर में फैले जंगल की रखवाली के लिए वन विभाग के पास वनकर्मी व संसाधनों की भारी कमी है। दोनों रेंज में दो रेंजर की तैनाती होनी चाहिए लेकिन एक रेंजर के भरोसे ही दोनों रेंज की रखवाली का जिम्मा है।
दोनों रेंज आबादी क्षेत्र से सटा होने के कारण कटान रोक पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है। जंगली जानवर से आम जनमानस की सुरक्षा के लिए विभाग के पास एक-एक जर्जर कैंपर व एक-एक बाइक ही मुहैया कराया गया है।
बनकटवा रेंज में वर्ष 2019 में 77 लोगों पर तथा 2020-21 में 98 लोगों के खिलाफ वन विभाग अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें से 10 लोगों को जेल भी भेजा जा चुका है। इसके अलावा दो ट्रक अवैध जंगली लकड़ी तथा तीन पिकअप रेंज परिसर में लाकर सीज किया गया है। बरहवा रेंज में 135 लोगों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए छह वाहन सीज किए हैं। नौ लोगों को जेल भेजा जा चुका है।