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कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े किसान
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बलरामपुर के तुलसीपुर में ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। कृषि कानून वापस लेने की मांग पर किसान अड़े हुए हैं। कई संगठनों की तरफ सेे सोमवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया गया है। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम व तुलसीपुर एसडीएम को सौंपकर विधेयक वापस लेने की मांग की गई है।
भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिला प्रभारी सियाराम विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा, जिला प्रवक्ता गौतम प्रसाद ओझा, जिला सचिव अरविंद तिवारी, पृथी यादव, राम स्नेही, रसूल अहमद, रामतीरथ व आनंद प्रकाश तिवारी आदि ने तुलसीपुर तहसील गेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। कहा कि कड़ाके की ठंड में 26 दिनों से दिल्ली में किसान डेरा डाले हुए हैं लेकिन केंद्र सरकार उनके दुख दर्द को दूर करने के बजाए आरोप पर आरोप लगा रही है। किसान देश की सरकार बनाते में अपना योगदान देते हैं फिर भी उनकी बातों को अनदेखा किया जा रहा है। इस दौरान कई किसानों ने अपनी जान भी गवाई है। किसानों पर लिखे गए मुकदमे वापस लिए जाए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाया जाए। किसान कानून का गठन किया जाए। आंदोलन में मरने वाले किसानों के आश्रितों को दो-दो करोड़ रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएं। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष हृदय राम वर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट गेट पर बैठक की गई। बैठक के बाद नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि विधेयक वापस लिया जाए। बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी न की जाए। देश के किसानों को हर तरह के टैक्स से मुक्त किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय झगरु प्रसाद, राजेंद्र वर्मा, शिव कुमार वर्मा, राजू पाठक, छेदी प्रसाद, राज कुमार यादव, वेद प्रकाश उपाध्याय व साबिर अली आदि मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिला प्रभारी सियाराम विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा, जिला प्रवक्ता गौतम प्रसाद ओझा, जिला सचिव अरविंद तिवारी, पृथी यादव, राम स्नेही, रसूल अहमद, रामतीरथ व आनंद प्रकाश तिवारी आदि ने तुलसीपुर तहसील गेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। कहा कि कड़ाके की ठंड में 26 दिनों से दिल्ली में किसान डेरा डाले हुए हैं लेकिन केंद्र सरकार उनके दुख दर्द को दूर करने के बजाए आरोप पर आरोप लगा रही है। किसान देश की सरकार बनाते में अपना योगदान देते हैं फिर भी उनकी बातों को अनदेखा किया जा रहा है। इस दौरान कई किसानों ने अपनी जान भी गवाई है। किसानों पर लिखे गए मुकदमे वापस लिए जाए।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाया जाए। किसान कानून का गठन किया जाए। आंदोलन में मरने वाले किसानों के आश्रितों को दो-दो करोड़ रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएं। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष हृदय राम वर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट गेट पर बैठक की गई। बैठक के बाद नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि विधेयक वापस लिया जाए। बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी न की जाए। देश के किसानों को हर तरह के टैक्स से मुक्त किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय झगरु प्रसाद, राजेंद्र वर्मा, शिव कुमार वर्मा, राजू पाठक, छेदी प्रसाद, राज कुमार यादव, वेद प्रकाश उपाध्याय व साबिर अली आदि मौजूद रहे।
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