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Balrampur News: बाल सेवा योजना से कोई पात्र बच्चा न रहे वंचित, विशेष कन्या सप्ताह का हो आयोजन
Fri, 11 Sep 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:08 PM IST
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बलरामपुर। मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में बाल संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों के साथ बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। पॉक्सो, बाल विवाह, दत्तक ग्रहण और किशोर न्याय से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को चिन्हित कर अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र बालिकाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने और विशेष कन्या सप्ताह आयोजित करने के निर्देश दिए।
पॉक्सो एक्ट के मामलों की समीक्षा में बताया गया कि मई से अगस्त तक क्रमश: 14, 16, 14 और नौ नए प्रकरण दर्ज हुए। इनमें क्रमश: 14, 15, 14 और नौ मामलों का निस्तारण किया गया। डीएम ने लंबित मामलों की नियमित निगरानी करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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दत्तक ग्रहण से जुड़े मामलों और सपोर्ट पर्सन को सौंपे गए प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। डीएम को बताया गया कि इस अवधि में सात प्रकरण सपोर्ट पर्सन को सौंपे गए। जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से किशोर न्याय बोर्ड को 56 और बाल कल्याण समिति को 28 सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट भेजी गईं। वहीं, 33 बच्चों की काउंसलिंग की गई।
डीएम ने बाल विवाह की रोकथाम, पॉक्सो मामलों में सहयोग, पुनर्वास और किशोर न्याय से जुड़े प्रकरणों में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को चिन्हित कर अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र बालिकाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने और विशेष कन्या सप्ताह आयोजित करने के निर्देश दिए।
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पॉक्सो एक्ट के मामलों की समीक्षा में बताया गया कि मई से अगस्त तक क्रमश: 14, 16, 14 और नौ नए प्रकरण दर्ज हुए। इनमें क्रमश: 14, 15, 14 और नौ मामलों का निस्तारण किया गया। डीएम ने लंबित मामलों की नियमित निगरानी करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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दत्तक ग्रहण से जुड़े मामलों और सपोर्ट पर्सन को सौंपे गए प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। डीएम को बताया गया कि इस अवधि में सात प्रकरण सपोर्ट पर्सन को सौंपे गए। जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से किशोर न्याय बोर्ड को 56 और बाल कल्याण समिति को 28 सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट भेजी गईं। वहीं, 33 बच्चों की काउंसलिंग की गई।
डीएम ने बाल विवाह की रोकथाम, पॉक्सो मामलों में सहयोग, पुनर्वास और किशोर न्याय से जुड़े प्रकरणों में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।