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चुनाव की मेन खबर
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फोटो-8-बलरामपुर के मतदान केंद्र मोतीपुर माधवडीह में वोटरपर्ची दिखाती महिलाएं।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। लोकतंत्र में अपने वोट की ताकत दिखाने के लिए मतदाता जोश और उल्लास से लबरेज दिखे। गुरुवार की सुबह सात बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कतार लग गई। जिले की चारों विधानसभा सीटों के लिए वोटरों ने जमकर मतदान किया। सुबह-शाम बूथों पर भीड़ रही तो दोपहर में धूप के चलते मतदान की गति धीमी रही। वहीं तीन स्थानों पर ईवीएम की खराबी और एक स्थान पर बहिष्कार के चलते मतदान प्रक्रिया बाधित रही। जिले में गुरुवार को कुल 48.90 फीसदी वोटरों ने मतदान किया। यह मतदान पिछले चुनाव से करीब दो फीसदी कम है।
चारों विधानसभा सीटों के 958 मतदान केंद्रों के 1857 बूथों पर सुबह से शाम तक मतदान हुआ। डीएम, एसपी व प्रेक्षक समेत सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट भ्रमणशील रहकर शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान कराने में जुटे रहे। बूथों पर युवा, दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं के साथ-साथ घूंघट की आड़ से भी जमकर वोट बरसे। मतदान समाप्त होने पर पोलिंग पार्टियां ईवीएम व वीवी पैट जमा कराने बलरामपुर भगवतीगंज स्थित मंडी समिति मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में पहुंचीं। देररात तक ईवीएम जमा कराने का सिलसिला जारी रहा।
इस चुनाव में जिले की चार विधानसभा सीटों पर कुल 49 प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल 1612544 मतदाताओं के लिए 1857 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। सभी बूथों पर अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ पुलिस व पीएसी का कड़ा पहरा रहा। बूथों का माहौल मतदान के दौरान बिल्कुल शांतिपूर्ण रहा। बदलपुर व गैसड़ी में बूथ पर ईवीएम खराब होने के कारण थोड़ी देर तक मतदान बाधित रहा।
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तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के भदवार गांव में ग्रामीणों के मतदान बहिष्कार के कारण करीब तीन घंटे तक पोलिंग रुकी रही। यहां नाराज ग्रामीण बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर यहां भी मतदान शुरू कराया। इस बार मतदान के लिए एक घंटे समय बढ़ाकर शाम छह बजे तक किया गया था।
मतदान को लेकर वोटरों में भारी उत्साह दिखा। कई बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगने के कारण शाम छह बजे के बाद भी मतदान कराया गया। कई बूथों पर वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण दर्जनों लोगों को मतदान से वंचित होना पड़ा। अव्यवस्था के चलते कई मतदाता बूथों पर अपनी वोटर पर्ची पाने के लिए भटकते रहे। किसी भी बूथ पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया गया। चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद बूथों से थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर व मास्क नदारद रहे। चारों विधानसभा सीटों के सभी 49 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है, 10 मार्च को फैसला होगा।
वहीं जिला निर्वाचन कंट्रोल रूम से जारी सूचना के अनुसार आसन्न विधान सभा चुनाव में सबसे ज्यादा गैसड़ी के वोटरों ने मतदान किया। सबसे कम उतरौला विधान सभा में मतदान हुआ है। गैसड़ी विधान सभा क्षेत्र में 51 प्रतिशत, तुलसीपुर में 49.50 प्रतिशत, बलरामपुर सदर में 48 प्रतिशत तथा उतरौला में 47.10 प्रतिशत मतदान हुआ है। जिले में कुल औसत मतदान 48.90 मतदान हुआ है।
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चारों विधानसभा सीटों के 958 मतदान केंद्रों के 1857 बूथों पर सुबह से शाम तक मतदान हुआ। डीएम, एसपी व प्रेक्षक समेत सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट भ्रमणशील रहकर शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान कराने में जुटे रहे। बूथों पर युवा, दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं के साथ-साथ घूंघट की आड़ से भी जमकर वोट बरसे। मतदान समाप्त होने पर पोलिंग पार्टियां ईवीएम व वीवी पैट जमा कराने बलरामपुर भगवतीगंज स्थित मंडी समिति मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में पहुंचीं। देररात तक ईवीएम जमा कराने का सिलसिला जारी रहा।
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इस चुनाव में जिले की चार विधानसभा सीटों पर कुल 49 प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल 1612544 मतदाताओं के लिए 1857 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। सभी बूथों पर अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ पुलिस व पीएसी का कड़ा पहरा रहा। बूथों का माहौल मतदान के दौरान बिल्कुल शांतिपूर्ण रहा। बदलपुर व गैसड़ी में बूथ पर ईवीएम खराब होने के कारण थोड़ी देर तक मतदान बाधित रहा।
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तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के भदवार गांव में ग्रामीणों के मतदान बहिष्कार के कारण करीब तीन घंटे तक पोलिंग रुकी रही। यहां नाराज ग्रामीण बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर यहां भी मतदान शुरू कराया। इस बार मतदान के लिए एक घंटे समय बढ़ाकर शाम छह बजे तक किया गया था।
मतदान को लेकर वोटरों में भारी उत्साह दिखा। कई बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगने के कारण शाम छह बजे के बाद भी मतदान कराया गया। कई बूथों पर वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण दर्जनों लोगों को मतदान से वंचित होना पड़ा। अव्यवस्था के चलते कई मतदाता बूथों पर अपनी वोटर पर्ची पाने के लिए भटकते रहे। किसी भी बूथ पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया गया। चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद बूथों से थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर व मास्क नदारद रहे। चारों विधानसभा सीटों के सभी 49 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है, 10 मार्च को फैसला होगा।
वहीं जिला निर्वाचन कंट्रोल रूम से जारी सूचना के अनुसार आसन्न विधान सभा चुनाव में सबसे ज्यादा गैसड़ी के वोटरों ने मतदान किया। सबसे कम उतरौला विधान सभा में मतदान हुआ है। गैसड़ी विधान सभा क्षेत्र में 51 प्रतिशत, तुलसीपुर में 49.50 प्रतिशत, बलरामपुर सदर में 48 प्रतिशत तथा उतरौला में 47.10 प्रतिशत मतदान हुआ है। जिले में कुल औसत मतदान 48.90 मतदान हुआ है।