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अकीदत के साथ मनाया ईद-उल-अजहा का त्योहार
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बलरामपुर। अकीदत के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) बुधवार को मनाया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मस्जिदों में क्षमता से आधे लोगों ने नमाज अता की। घरों में भी बकरीद की नमाज पढ़ी गई। नमाज के बाद अकीदतमंदों ने जानवरों की कुर्बानी की।
शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने गुरुवार को बताया कि अल्लाह के प्यारे नबी हजरत इब्राहिम अलैह हिस्लाम की सुन्नत अता करते हुए मुस्लिम समाज के लोग बकरीद का त्योहार तीन दिनों तक मनाते हैं। कोरोना महामारी के चलते ईदगाहों में सामूहिक रूप से नमाज नहीं पढ़ी गई।
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मस्जिदों में क्षमता से आधे लोगों ने तथा घरों में महिलाओं एवं बच्चियों ने बकरीद की नमाज अता की। नमाज के बाद लोगों ने दुनिया में फैले कोरोना महामारी को जड़ से समाप्त कर मुल्क में अमन व शांति तथा आपसी भाईचारा को मजबूत करने के लिए दुआ की। लोगों ने कब्रिस्तानों पर जाकर अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ी।
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फातिहा पढ़ने के बाद अकीदत मंदों ने घरों में पाले गए जानवरों की कुर्बानी दी। इसी तरह उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग, श्रीदत्तगंज, सादुल्लाहनगर, रेहरा बाजार, शिवपुरा, तुलसीपुर, हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, गैसड़ी, पचपेड़वा व महुआ बाजार आदि स्थानों पर भी बकरीद त्योहार बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया।
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शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने गुरुवार को बताया कि अल्लाह के प्यारे नबी हजरत इब्राहिम अलैह हिस्लाम की सुन्नत अता करते हुए मुस्लिम समाज के लोग बकरीद का त्योहार तीन दिनों तक मनाते हैं। कोरोना महामारी के चलते ईदगाहों में सामूहिक रूप से नमाज नहीं पढ़ी गई।
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जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मस्जिदों में क्षमता से आधे लोगों ने तथा घरों में महिलाओं एवं बच्चियों ने बकरीद की नमाज अता की। नमाज के बाद लोगों ने दुनिया में फैले कोरोना महामारी को जड़ से समाप्त कर मुल्क में अमन व शांति तथा आपसी भाईचारा को मजबूत करने के लिए दुआ की। लोगों ने कब्रिस्तानों पर जाकर अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ी।
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फातिहा पढ़ने के बाद अकीदत मंदों ने घरों में पाले गए जानवरों की कुर्बानी दी। इसी तरह उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग, श्रीदत्तगंज, सादुल्लाहनगर, रेहरा बाजार, शिवपुरा, तुलसीपुर, हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, गैसड़ी, पचपेड़वा व महुआ बाजार आदि स्थानों पर भी बकरीद त्योहार बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया।