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फोन पर मिलेगी शिक्षा व पोषण की जानकारी
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बलरामपुर। आकांक्षात्मक जिले में प्रदेश सरकार की ओर दुलार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे छह वर्ष तक के बच्चों को जोड़ा जाएगा। बच्चों के अभिभावकों को फोन पर शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण की जानकारी दी जाएगी। नीति आयोग की सहयोगी संस्थाओं पिरामल फाउंडेशन, यूनीसेफ व दोस्त फाउंडेशन को दुुलार कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीडीओ संजीव कुमार ने सोमवार को विकास भवन दफ्तर में नीति आयोग की तीनों सहयोगी संस्थाओं के साथ दुलार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पिरामल फाउंडेशन के इमरान, स्वास्थ्य टीम से राकेश शुक्ल व फैजान ने सीडीओ से बताया कि दुलार कार्यक्रम जीरो से छह वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास पर आधारित है। इस कार्यक्रम में फोन के माध्यम से अभिभावकों को जोड़ा जाएगा। इसमें जुड़ने वाले अभिभावकों को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण आदि की जानकारी फोन पर दी जाएगी।
कार्यक्रम में सबसे पहले मिस्डकॉल से लाभार्थियों को रजिस्टर किया जाएगा। इसके बाद फोन करके अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण को लेकर उन्हें जागरूक किया जाएगा। फोन कॉल की सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त हैं। डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा बच्चों के अभिभावकों को जोड़ने में मदद करेंगी। जिले की सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं के सीडीपीओ को सहयोग करने की जिम्मेदारी सीडीओ ने सौंपी है।
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सीडीओ संजीव कुमार ने सोमवार को विकास भवन दफ्तर में नीति आयोग की तीनों सहयोगी संस्थाओं के साथ दुलार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पिरामल फाउंडेशन के इमरान, स्वास्थ्य टीम से राकेश शुक्ल व फैजान ने सीडीओ से बताया कि दुलार कार्यक्रम जीरो से छह वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास पर आधारित है। इस कार्यक्रम में फोन के माध्यम से अभिभावकों को जोड़ा जाएगा। इसमें जुड़ने वाले अभिभावकों को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण आदि की जानकारी फोन पर दी जाएगी।
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कार्यक्रम में सबसे पहले मिस्डकॉल से लाभार्थियों को रजिस्टर किया जाएगा। इसके बाद फोन करके अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण को लेकर उन्हें जागरूक किया जाएगा। फोन कॉल की सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त हैं। डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा बच्चों के अभिभावकों को जोड़ने में मदद करेंगी। जिले की सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं के सीडीपीओ को सहयोग करने की जिम्मेदारी सीडीओ ने सौंपी है।
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