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Balrampur News: महिला आरक्षी छेड़खानी मामले में शुरू हुई दोहरी जांच

Sat, 29 Nov 2025 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 29 Nov 2025 11:16 PM IST
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Double investigation started in the case of molestation of female constable
बलरामपुर। महिला आरक्षी से छेड़खानी के मामले में दोहरी जांच शुरू हो गई है। पीड़िता द्वारा विशाखा समिति को सौंपे गई वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच शुरू हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामग्री अहम साक्ष्य के रूप में देखी जा रही है। वहीं,आरोपियों के निलंबन के बाद उनकी सेवाओं को लेकर जांच शुरू हुई है।
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15 मार्च को कोतवाली देहात परिसर में होली के दौरान तत्कालीन हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार और कांस्टेबल पन्नेलाल पर महिला आरक्षी ने छेड़खानी के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला आठ महीने तक फाइलों में दबा रहा और विभागीय जांच आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में 16 नवंबर को माईसिटी में प्रकाशित खबर के बाद यह प्रकरण सुर्खियों में आया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला पहुंचा तो एडीजी गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद 17 नवंबर को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर महिला आरक्षी की तहरीर पर कोतवाली देहात में एफआईआर दर्ज की गई।
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अब इसकी भी जांच हो रही है कि आरोपियों को संरक्षण किस स्तर पर मिला और जांच क्यों टलती रही। इसी बीच, पीड़िता ने विशाखा समिति के सामने एक और बयान दिया है। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के कुछ दिन बाद एक आरोपी उनके घर पहुंचा और फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। पीड़िता ने इस घटना का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड रखकर समिति को सौंप दिया है। समिति इसे गंभीरता से लेते हुए धमकी के पहलू को भी जांच दायरे में शामिल कर रही है।
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वर्तमान में मामले की विवेचना कोतवाली देहात की उपनिरीक्षक प्रीति वर्मा कर रही हैं। वह पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच, बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को एकत्र कर रही हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि विशाखा समिति और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। यदि धमकी और दबाव बनाने के आरोप पुष्ट होते हैं तो आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं भी लग सकती हैं। वहीं, जांच दबाए रखने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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