{"_id":"61ba2eb2cdb46e5c7c6d705b","slug":"door-to-door-garbage-collection-scheme-stalled-increasing-filth-balrampur-news-lko6091033123","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना ठप, बढ़ रही गंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना ठप, बढ़ रही गंदगी
विज्ञापन
बलरामपुर में डोर-टू-डोर कूड़ा लेते आउटसोर्सिंग कर्मी।
- फोटो : BALRAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। नगर को स्वच्छ व साफ सुथरा बनाने के लिए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने एक सप्ताह से योजना ठप हो गई है। इस योजना में लगे आउट सोर्सिंग कर्मियों को नगर पालिका प्रशासन ने वेतन न दे पाने की बात कहकर हटा दिया।
इसके अलावा अन्य कामों में लगे आउट सोर्सिंग कर्मी भी हटाए जा रहे हैं। योजना यह बन रही है कि अब लोगों के घरों से कूड़ा उठाने का मासिक भुगतान लेकर यह काम किसी एजेंसी या स्वयं सेवी संस्था को सौंप दिया जाएगा। काम से हटाए जाने के बाद कर्मी व उनके परिजन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन के सर्वे में इस बार बलरामपुर नगर की रैंकिंग भी गिरी है। इसके बावजूद घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मियों को हटाए जाने की बात समझ में नहीं आ रही है।
विज्ञापन
इन कर्मियों के हटाने से लोग अपने घरों का कूड़ा कचरा गलियों तथा सड़कों पर खुले में फेंक रहे हैं। नगर पालिका के पास पहले से ही सफाई कर्मियों की कमी है। ऐसे में आउट सोर्सिंग से लगे करीब 250 कर्मी नगर को साफ सुथरा बनाने के साथ जलकल, बिजली व आफिस का भी काम देख रहे थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका को दो ठेकेदार आउटसोर्सिंग कमी की आपूर्ति करते हैं। बीते दीपावली त्योहार में दो महीने का वेतन न मिलने से इन कर्मियों ने धरना प्रदर्शन भी किया था।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि इन कर्मियों को वेतन देने के लिए उनके पास बजट ही नहीं है जबकि नियम यह है कि पंद्रहवें वित्त आयोग से हर महीने मिलने वाली करोड़ों रुपये की धनराशि का उपयोग सबसे पहले कर्मियों के वेतन देने में किया जाए लेकिन यहां इस धनराशि से पहले ठेकेदारों व अन्य मदों का भुगतान कर दिया जाता है।
यह कहना हमारा नहीं बल्कि यह आरोप कर्मियों ने लगाया है। फिलहाल नगर पालिका के जिम्मेदार अफसरों की मनमानी का खामियाजा नगर की सवा लाख आबादी को भुगतना पड़ रहा है। गलियों, सड़कों व नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है।
जगह-जगह कूड़े के ढेर से बदबू उठ रही हैं। संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन आउट सोर्सिंग कर्मियों से यह कह रहा है कि बिना पैसे के काम करना हो तो करों चार महीने तक हम वेतन नहीं दे पाएंगे। अब ऐसे में गरीब आउटसोर्सिंग कर्मियों के परिवार का भरण पोषण कैसे होगा इसका जबाब किसी के पास नहीं है।
विज्ञापन
इसके अलावा अन्य कामों में लगे आउट सोर्सिंग कर्मी भी हटाए जा रहे हैं। योजना यह बन रही है कि अब लोगों के घरों से कूड़ा उठाने का मासिक भुगतान लेकर यह काम किसी एजेंसी या स्वयं सेवी संस्था को सौंप दिया जाएगा। काम से हटाए जाने के बाद कर्मी व उनके परिजन भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
विज्ञापन
बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन के सर्वे में इस बार बलरामपुर नगर की रैंकिंग भी गिरी है। इसके बावजूद घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मियों को हटाए जाने की बात समझ में नहीं आ रही है।
विज्ञापन
इन कर्मियों के हटाने से लोग अपने घरों का कूड़ा कचरा गलियों तथा सड़कों पर खुले में फेंक रहे हैं। नगर पालिका के पास पहले से ही सफाई कर्मियों की कमी है। ऐसे में आउट सोर्सिंग से लगे करीब 250 कर्मी नगर को साफ सुथरा बनाने के साथ जलकल, बिजली व आफिस का भी काम देख रहे थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका को दो ठेकेदार आउटसोर्सिंग कमी की आपूर्ति करते हैं। बीते दीपावली त्योहार में दो महीने का वेतन न मिलने से इन कर्मियों ने धरना प्रदर्शन भी किया था।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि इन कर्मियों को वेतन देने के लिए उनके पास बजट ही नहीं है जबकि नियम यह है कि पंद्रहवें वित्त आयोग से हर महीने मिलने वाली करोड़ों रुपये की धनराशि का उपयोग सबसे पहले कर्मियों के वेतन देने में किया जाए लेकिन यहां इस धनराशि से पहले ठेकेदारों व अन्य मदों का भुगतान कर दिया जाता है।
यह कहना हमारा नहीं बल्कि यह आरोप कर्मियों ने लगाया है। फिलहाल नगर पालिका के जिम्मेदार अफसरों की मनमानी का खामियाजा नगर की सवा लाख आबादी को भुगतना पड़ रहा है। गलियों, सड़कों व नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है।
जगह-जगह कूड़े के ढेर से बदबू उठ रही हैं। संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका प्रशासन आउट सोर्सिंग कर्मियों से यह कह रहा है कि बिना पैसे के काम करना हो तो करों चार महीने तक हम वेतन नहीं दे पाएंगे। अब ऐसे में गरीब आउटसोर्सिंग कर्मियों के परिवार का भरण पोषण कैसे होगा इसका जबाब किसी के पास नहीं है।