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Balrampur News: अभ्युदय कोचिंग के अभ्यर्थियों से डीएम ने किया संवाद, सफलता का बताया मंत्र
Sat, 05 Sep 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:06 PM IST
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फोटो-23-बलरामपुर में अभ्युदय कोचिंग में युवाओं से वार्ता करते डीएम ।-स्रोत : विभाग
तुलसीपुर। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने शनिवार को तुलसीपुर में संचालित अभ्युदय कोचिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी तैयारी, लक्ष्य और पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली।
डीएम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। निरंतर मेहनत, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी हैं। अभ्यर्थी दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता पहचानें और प्रतिदिन खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करें। उन्होंने समय प्रबंधन के साथ नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनने चाहिए। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी कमियों का आकलन कर नए उत्साह के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए। समसामयिक घटनाओं, सामान्य अध्ययन, उत्तर लेखन, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण और नियमित पुनरावृत्ति पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और समय-समय पर अपनी प्रगति का आकलन भी जरूरी है।
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संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं और तैयारी से जुड़े अनुभव साझा किए। डीएम ने उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों को कोचिंग को और प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों की नियमित प्रगति का आकलन करने के निर्देश दिए।
अभ्युदय कोचिंग के जिला समन्वयक सचिन सिंह ने बताया कि योजना के तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, एनडीए, सीडीएस, टीईटी, जेईई और नीट की तैयारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
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डीएम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। निरंतर मेहनत, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी हैं। अभ्यर्थी दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता पहचानें और प्रतिदिन खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करें। उन्होंने समय प्रबंधन के साथ नियमित और योजनाबद्ध अध्ययन करने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनने चाहिए। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी कमियों का आकलन कर नए उत्साह के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए। समसामयिक घटनाओं, सामान्य अध्ययन, उत्तर लेखन, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण और नियमित पुनरावृत्ति पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और समय-समय पर अपनी प्रगति का आकलन भी जरूरी है।
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संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं और तैयारी से जुड़े अनुभव साझा किए। डीएम ने उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों को कोचिंग को और प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों की नियमित प्रगति का आकलन करने के निर्देश दिए।
अभ्युदय कोचिंग के जिला समन्वयक सचिन सिंह ने बताया कि योजना के तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, एनडीए, सीडीएस, टीईटी, जेईई और नीट की तैयारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।