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जलाभिषेक के लिए शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु
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बलरामपुर। सावन के दूसरे सोमवार को हर-हर महादेव... से शिवालय गुंजायमान रहे। मंदिरों में सुबह से लेकर देर शाम तक भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने घरों में भी रुद्राभिषेक कर भोलेबाबा से परिवार की सुख-शांति का आशीर्वाद मांगा।
सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसके पीछे मान्यता है कि दक्ष पुत्री माता सती ने कई वर्षों तक श्रापित जीवन व्यतीत किया। बाद में उन्होंने हिमालय राज के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। हिमालय राज ने उनका नाम पार्वती रखा। देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन में कठोर तप किया जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की।
ऐसी मान्यता है कि इस महीने में महादेव की आराधना, रुद्राभिषेक व जलाभिषेक करने से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इसी के चलते सावन के दूसरे सोमवार को जिले के सभी शिवालयों में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। नगर के झारखंडी मंदिर में शिव भक्तों ने भांग, धतूरा, बेलपत्र, गन्ना, बेर व अक्षत आदि अर्पित करके भगवान शंकर की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिरों में पूरे दिन जलाभिषेक करने वालों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने अभिषेक करके भगवान शिव से सुख-शांति का आशीर्वाद मांगा।
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जिले के देवीपाटन मंदिर स्थिति शिवालय, बिजलीपुर स्थित शिवालय, नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित शिवालय, भगवतीगंज स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम, उतरौला स्थित दुखहरण नाथ मंदिर एवं राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में भी पूरे दिन शिव भक्तों का तांता लगा रहा। घरों में महिलाओं ने विधि पूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना करके पति की लंबी आयु व परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
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सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसके पीछे मान्यता है कि दक्ष पुत्री माता सती ने कई वर्षों तक श्रापित जीवन व्यतीत किया। बाद में उन्होंने हिमालय राज के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। हिमालय राज ने उनका नाम पार्वती रखा। देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन में कठोर तप किया जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की।
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ऐसी मान्यता है कि इस महीने में महादेव की आराधना, रुद्राभिषेक व जलाभिषेक करने से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इसी के चलते सावन के दूसरे सोमवार को जिले के सभी शिवालयों में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। नगर के झारखंडी मंदिर में शिव भक्तों ने भांग, धतूरा, बेलपत्र, गन्ना, बेर व अक्षत आदि अर्पित करके भगवान शंकर की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिरों में पूरे दिन जलाभिषेक करने वालों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने अभिषेक करके भगवान शिव से सुख-शांति का आशीर्वाद मांगा।
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जिले के देवीपाटन मंदिर स्थिति शिवालय, बिजलीपुर स्थित शिवालय, नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित शिवालय, भगवतीगंज स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम, उतरौला स्थित दुखहरण नाथ मंदिर एवं राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में भी पूरे दिन शिव भक्तों का तांता लगा रहा। घरों में महिलाओं ने विधि पूर्वक भगवान शिव की पूजा-अर्चना करके पति की लंबी आयु व परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।