झोलाछाप डाक्टर के इलाज से कट गया बच्ची का हाथ

Lucknow Bureau Updated Mon, 04 Dec 2017 10:01 PM IST
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झोलाछाप के इलाज से कटा मासूम का हाथ
बलरामपुर। झोलाछाप के इलाज से आठ वर्षीय मासूम बालिका को अपना एक हाथ गंवाना पड़ गया। सड़न आने पर जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टरों ने उसका हाथ काट दिया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर सीएमओ ने तथाकथित झोलाछाप का क्लीनिक सील कर दिया है।

जबकि आरोपी झोलाछाप फरार है। सीएमओ का कहना है कि, मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मपुर खजुरिया निवासी जगदीश ने डीएम से की गई शिकायत में कहा है कि, गत 20 नवंबर को उनकी आठ वर्षीय बेटी कोमल का बायां हाथ टूट गया था। जगदीश उसका इलाज कराने आबर चौराहा स्थित झोलाछाप वासुदेव के क्लीनिक पर ले गए।

जगदीश का कहना है कि, वासुदेव ने कोमल के हाथ में जख्म होने के बाद भी प्लास्टर बांध दिया। 10 दिन तक इलाज के बाद जब कोमल की हालत बिगड़ गई तो उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

कोमल का हाथ सड़ गया था। कोमल की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इस पर जगदीश उसे बहराइच के प्राइवेट अस्पताल ले गए। सड़न ज्यादा होने तथा कोमल की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टर ने उसका हाथ काट दिया।

झोलाछाप की लापरवाही से मासूम कोमल की हुई दुर्दशा को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ को मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आदेश दिया। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि, झोलाछाप वासुदेव का क्लीनिक सील कर दिया है। वह क्लीनिक बंद कर फरार है। मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही उसके खिलाफ केस दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कर्ज लेकर कराया इलाज
बलरामपुर। मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करने वाले जगदीश के पास बेटी कोमल के इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे। जैसे-तैसे पैसे का इंतजाम कर वह बेटी का उपचार करा रहा था। जबकि झोलाछाप वासुदेव दस दिन तक कोमल के ठीक होने की बात कहकर उसे गुमराह करता रहा।

हालत बिगड़ने पर झोलाछाप ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद जगदीश परिचितों व रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बेटी को संयुक्त जिला चिकित्सालय ले गया। वहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। जिसके बाद वो कोमल को लेकर बहराइच के प्राइवेट अस्पताल गया, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसका हाथ काटना पड़ेेगा। बेटी की जान बचाने के लिए जगदीश को दिल पर पत्थर रखकर उसका हाथ कटवाना पड़ा।

कागजो में चलता है अभियान
जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। ग्रामीण बाजारों में झोलाछाप डॉक्टर नीम हकीम जानलेवा बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डॉक्टरों को नकेल कसने की योजनाएं तो बहुत बनाता है लेकिन यह योजनाएं कागजों में सिमट कर रह जाती हैं। तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं।

सर्दी जुकाम से लेकर कैंसर तक का इलाज करने से झोलाछाप डॉक्टर नहीं कतराते हैं। इस संबंध में जब सीएमओ डा. घनश्याम सिंह से एक साल के अंदर जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलाए गए अभियान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभियान लगातार जारी है। पकड़े जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।

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