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Balrampur News: शक से बिखरते परिवार को परामर्श ने समेटा

Sun, 11 May 2025 10:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 May 2025 10:19 PM IST
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Counselling brought together a family torn apart by suspicion
बलरामपुर के महिला थाने पर आयोजित परामर्श केंद्र पर मौजूद लोग।-संवाद
बलरामपुर। छोटी-छोटी बातों को लेकर बिखरे परिवारों को परामर्श केंद्र जोड़ रहा है। महिला थाना में रविवार को पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने सुलह-समझौता कराया। नौ में से छह मामले निस्तारित हुए। पति पर शक होने से रिश्ता टूट रहा था, लेकिन समझाने पर दंपती मान गए।
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परिवार परामर्श केंद्र में आईं 19 शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सभी मामले पति-पत्नी के बीच के थे, जो छोटे-मोटे विवाद होने के बाद से अलग रहने लगे थे। सुनवाई के दौरान नौ मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। थाना महराजगंज तराई के एक गांव में पत्नी अपने पति पर शक कर रही थी, इससे पति परेशान था। परामर्शदाताओं के समझाने के बाद दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए। देहात कोतवाली का मामला पति-पत्नी के अलग होने और हरैया थाना का मामला न्यायालय से जुड़ा था, जिसे निस्तारित करा दिया गया।
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तुलसीपुर थाने के एक मामले में दो महीने से पत्नी अपने पति नाराज हो गई थी, जो समझाने पर मान गई। देहात कोतवाली का एक मामला पति के चोट लगने से था। चोट लगने के कारण पति अपनी पत्नी से मुंबई मिलने नहीं जा पाया, जिससे पत्नी नाराज हो गई। समझाने के बाद पत्नी मान गई। गैड़ास बुजुर्ग थाना का एक मामला भी समझा-बुझाकर निस्तारित कराया गया। परामर्शदाताओं ने पूरी बात सुनी और पति-पत्नी को समझाया, आपसी समझ के बाद सभी एक साथ जाने को तैयार हो गए।
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परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, तनवीर जहां, वंदना मिश्रा, देवतादीन दुबे, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी, महिला कांस्टेबल ज्योति व मनीषा वर्मा ने सुनवाई के दौरान पति-पत्नी को मिल-जुलकर एक साथ रहने के तरीके बताए। साथ ही पति-पत्नी को समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए दोनोंं को एक साथ रहना चाहिए। बच्चों के भविष्य पर पारिवारिक विवाद का असर पड़ता है।




13 मामलों में दोनों पक्ष बुलाने के निर्देश


एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 13 मामलों में समझौता नहीं हाे सका है, उन्हें आगे सुना जाएगा। नौ मामलों में दोनों पक्ष आए, लेकिन इसमें तीन का निस्तारण नहीं हो सका है। इन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। जिन छह मामले में समझौता हुआ है, उनमें दोनों पक्षों की लिखापढ़ी करा ली गई है। प्रत्येक 15 दिन में महिला थाने से इनकी खैरियत जानी जाएगी, जिससे दोबारा विवाद न होने पाए।
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