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Balrampur News: बच्चा चुराने में आरोपी सभासद निसार नेपाल सीमा से गिरफ्तार
Thu, 14 Dec 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:46 PM IST
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पचपेडवा (बलरामपुर)। मिशन हॉस्पिटल से हुई नवजात की चोरी के मामले में आरोपी सभासद निसार को पुलिस ने नेपाल सीमा के चार किमी. पहले त्रिलोकपुर से गिरफ्तार किया है। 28 नवंबर को दर्ज हुए इस मामले में पुलिस मिशन अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस बीते 16 दिनों से नेपाल सीमा पर निसार की तलाश में जुटी थी। लगातार निगरानी के बाद बृहस्पतिवार को सुबह 7.20 बजे पुलिस निसार को पकड़ने में सफल हो सकी।
मिशन हॉस्पिटल में आपरेशन के बाद जन्मे एक नवजात को चिकित्सकों ने मृत बताकर बढ़नी के सभासद निसार को दे दिया था। 26 नवंबर को पुलिस ने पीडिता पुष्पा की तहरीर पर केस दर्ज कर इस मामले में अस्पताल के दो चिकित्सकों को गिरफ्तार करने के साथ ही निसार के बढ़नी सिद्धार्थनगर स्थित आवास से नवजात को भी बरामद कर लिया था। लेकिन मौके से निसार पुलिस को गच्चा देकर नेपाल चला गया था। तभी से पुलिस निसार की गिरफ्तारी के जाल बिछाए थी। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि निसार ने लंबे इंतजार के बाद नेपाल से पचपेड़वा के त्रिलोकपुर के आसपास पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रसव के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती हुई पुष्पा का सिजेरियन 28 अक्टूबर को हुआ था। बाद में उसे चिकित्सकों ने बताया कि पैदा हुआ नवजात मृत था। इसके बाद पुष्पा घर चली आई। कुछ दिनों बाद उसे सपना आने लगा कि उसका बच्चा जीवित है। बाद में हिम्मत भरकर पुलिस से मामले में मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने 26 नवंबर को मामले में केस दर्ज किया। निजी हॉस्पिटल की जांच किया तो संदेह बढ़ने पर संचालक मोहम्मद अकरम व बढ़नी के चिकित्सक हफीजुर्रहमान को गिरफ्तार कर बच्चे को सभासद निसार के घर से बरामद भी कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में निसार ने पुलिस के समक्ष बच्चे की खरीद फरोख्त को सिरे से नकार दिया। निसार ने नवजात के बदले किसी तभी तरह के पैसों के लेन देन अथवा उपहार की बात से इंकार किया। उसका कहना था कि चिकित्सक ने पालन पोषण करने की बात कहते हुए नवजात उसे सौंपा था। उसने यह बच्चा संत कबीरनगर में एक बैंक में कार्यरत दंपती को दे दिया था।
पुलिस निसार की बातों की तस्दीक करने में लगी है। फिलहाल पुलिस के लिए यह बात स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है कि आखिर बिना किसी लेनदेन के पहले नवजात को हॉस्पिटल संचालकों ने निसार को फिर निसार ने बैंक अफसर को क्यों दे दिया।
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मिशन हॉस्पिटल में आपरेशन के बाद जन्मे एक नवजात को चिकित्सकों ने मृत बताकर बढ़नी के सभासद निसार को दे दिया था। 26 नवंबर को पुलिस ने पीडिता पुष्पा की तहरीर पर केस दर्ज कर इस मामले में अस्पताल के दो चिकित्सकों को गिरफ्तार करने के साथ ही निसार के बढ़नी सिद्धार्थनगर स्थित आवास से नवजात को भी बरामद कर लिया था। लेकिन मौके से निसार पुलिस को गच्चा देकर नेपाल चला गया था। तभी से पुलिस निसार की गिरफ्तारी के जाल बिछाए थी। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि निसार ने लंबे इंतजार के बाद नेपाल से पचपेड़वा के त्रिलोकपुर के आसपास पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया गया।
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प्रसव के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती हुई पुष्पा का सिजेरियन 28 अक्टूबर को हुआ था। बाद में उसे चिकित्सकों ने बताया कि पैदा हुआ नवजात मृत था। इसके बाद पुष्पा घर चली आई। कुछ दिनों बाद उसे सपना आने लगा कि उसका बच्चा जीवित है। बाद में हिम्मत भरकर पुलिस से मामले में मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने 26 नवंबर को मामले में केस दर्ज किया। निजी हॉस्पिटल की जांच किया तो संदेह बढ़ने पर संचालक मोहम्मद अकरम व बढ़नी के चिकित्सक हफीजुर्रहमान को गिरफ्तार कर बच्चे को सभासद निसार के घर से बरामद भी कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में निसार ने पुलिस के समक्ष बच्चे की खरीद फरोख्त को सिरे से नकार दिया। निसार ने नवजात के बदले किसी तभी तरह के पैसों के लेन देन अथवा उपहार की बात से इंकार किया। उसका कहना था कि चिकित्सक ने पालन पोषण करने की बात कहते हुए नवजात उसे सौंपा था। उसने यह बच्चा संत कबीरनगर में एक बैंक में कार्यरत दंपती को दे दिया था।
पुलिस निसार की बातों की तस्दीक करने में लगी है। फिलहाल पुलिस के लिए यह बात स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है कि आखिर बिना किसी लेनदेन के पहले नवजात को हॉस्पिटल संचालकों ने निसार को फिर निसार ने बैंक अफसर को क्यों दे दिया।