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एसआईटी की जांच में फंसेगी घोटालेबाजों की गर्दन-संशोधित
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर खरीद में तुलसीपुर ब्लॉक के 10 ग्राम पंचायतों में घोटाला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को 2800 रुपये में कोरोना किट खरीदने का निर्देश दिया था जबकि तुलसीपुर ब्लॉक के 10 ग्राम पंचायतों में 4790 रुपये में किट का भुगतान किया गया है। अब इसकी जांच के लिए शासन की तरफ से एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) गठित की गई है।
तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बदलपुर, मोहनपुर दयालीडीह, सुगानगर, खैरा, रमवापुर, परसिया गौरी, देवनगर, दुंदरा, बरदहवा, बनकटवा कला व भुजेहरा में 28 अगस्त से लेकर सात सितंबर तक पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर खरीद का 4790-4790 रुपये का भुगतान डीपीआरओ की रोक के बाद कर दिया गया है। बातचीत के दौरान इन सभी ग्राम पंचायतों के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर नहीं लाया गया है। पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर की खरीद महज कागजों में ही की गई है।
ग्रामीण सूर्यलाल, नाथूराम, रामकुमार, अब्दुल्ला, शिवकुमार, शिवराम व प्रभुदयाल आदि ने डीएम व डीपीआरओ से उनके गांवों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इन लोगों ने आरोप लगाया है कि उपकरणों की कागजों में खरीद करके सरकारी धन की लूट की गई है। डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने दो जुलाई को ही जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को पत्र लिखकर पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद का भुगतान न करने का निर्देश दिया था।
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शासन ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए सभी ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर खरीदने का निर्देश दिया था। शासन ने किट की धनराशि के बारे में जानकारी नहीं दी थी इसीलिए भुगतान पर रोक लगाई गई थी। रोक के बाद भी पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद का भुगतान करने वाले सचिवों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर का प्रत्येक ग्राम पंचायत को सिर्फ 2800 रुपये का ही भुगतान करना है।
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तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बदलपुर, मोहनपुर दयालीडीह, सुगानगर, खैरा, रमवापुर, परसिया गौरी, देवनगर, दुंदरा, बरदहवा, बनकटवा कला व भुजेहरा में 28 अगस्त से लेकर सात सितंबर तक पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर खरीद का 4790-4790 रुपये का भुगतान डीपीआरओ की रोक के बाद कर दिया गया है। बातचीत के दौरान इन सभी ग्राम पंचायतों के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर नहीं लाया गया है। पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर की खरीद महज कागजों में ही की गई है।
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ग्रामीण सूर्यलाल, नाथूराम, रामकुमार, अब्दुल्ला, शिवकुमार, शिवराम व प्रभुदयाल आदि ने डीएम व डीपीआरओ से उनके गांवों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इन लोगों ने आरोप लगाया है कि उपकरणों की कागजों में खरीद करके सरकारी धन की लूट की गई है। डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने दो जुलाई को ही जिले के सभी 800 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को पत्र लिखकर पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद का भुगतान न करने का निर्देश दिया था।
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शासन ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए सभी ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर खरीदने का निर्देश दिया था। शासन ने किट की धनराशि के बारे में जानकारी नहीं दी थी इसीलिए भुगतान पर रोक लगाई गई थी। रोक के बाद भी पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर के खरीद का भुगतान करने वाले सचिवों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर का प्रत्येक ग्राम पंचायत को सिर्फ 2800 रुपये का ही भुगतान करना है।