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स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के खर्च को खंगालेंगी नौ टीमें
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बलरामपुर। जिले के 2221 परिषदीय स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के तहत खर्च की धनराशि का ब्योरा नौ टीमें जांच कर खंगालेंगी। पुस्तकालय एवं खेल-कूद सामाग्री के खरीद की भी टीमें जांच करेंगी। कंपोजिट ग्रांट, पुस्तकालय एवं खेल-कूद सामाग्री की खरीद पर 10,87,82,500 रुपये प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में खर्च किए गए हैं।
शिकायत मिलने पर जिले के सभी नौ शिक्षा क्षेत्रों में त्रिस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। जिल के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में गठित समितियों को 15 दिन में निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को उपलब्ध कराने का फरमान जारी किया गया है। समितियों के रिपोर्ट पर वित्तीय अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रबंध समिति के बैंक खातों में कंपोजिट ग्रांट, पुस्तकालय एवं खेल-कूद सामाग्री की खरीद के लिए राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान उत्तर प्रदेश लखनऊ की तरफ से 10,87,82,500 रुपये की धनराशि भेजी गई थी।
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कंपोजिट ग्रांट से जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों का कायाकल्प करना था। कंपोजिट ग्रांट 8,01,12,500 रुपये की धनराशि से स्कूलों के हैंडपंपों में होने वाल छोटी-छोटी मरम्मतें, आंशिक प्लास्टर, पैच प्लास्टर, फर्श की मरम्मत, खिड़कियों को दुरुस्त कराने, चौखट के पल्ले तथा रंगाई-पुताई पर खर्च करने की मंजूरी दी गई थी।
सभी स्कूलों में छात्रों के नामांकन के आधार पर धनराशि का आवंटन किया गया था। भारत सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता पर भी खर्च करने की अनुमति दी गई थी। इसी प्रकार से वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1.43-1.43 करोड़ रुपये छात्रों के पुस्तकालय निर्माण खेलकूद सामाग्री की खरीद के लिए धनराशि दी गई थी। पांच-पांच हजार रुपये प्राथमिक और 10-10 हजार उच्च प्राथमिक स्कूलों को दिए गए थे।
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शिकायत मिलने पर जिले के सभी नौ शिक्षा क्षेत्रों में त्रिस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। जिल के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में गठित समितियों को 15 दिन में निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को उपलब्ध कराने का फरमान जारी किया गया है। समितियों के रिपोर्ट पर वित्तीय अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रबंध समिति के बैंक खातों में कंपोजिट ग्रांट, पुस्तकालय एवं खेल-कूद सामाग्री की खरीद के लिए राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान उत्तर प्रदेश लखनऊ की तरफ से 10,87,82,500 रुपये की धनराशि भेजी गई थी।
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कंपोजिट ग्रांट से जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों का कायाकल्प करना था। कंपोजिट ग्रांट 8,01,12,500 रुपये की धनराशि से स्कूलों के हैंडपंपों में होने वाल छोटी-छोटी मरम्मतें, आंशिक प्लास्टर, पैच प्लास्टर, फर्श की मरम्मत, खिड़कियों को दुरुस्त कराने, चौखट के पल्ले तथा रंगाई-पुताई पर खर्च करने की मंजूरी दी गई थी।
सभी स्कूलों में छात्रों के नामांकन के आधार पर धनराशि का आवंटन किया गया था। भारत सरकार की तरफ से 10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता पर भी खर्च करने की अनुमति दी गई थी। इसी प्रकार से वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1.43-1.43 करोड़ रुपये छात्रों के पुस्तकालय निर्माण खेलकूद सामाग्री की खरीद के लिए धनराशि दी गई थी। पांच-पांच हजार रुपये प्राथमिक और 10-10 हजार उच्च प्राथमिक स्कूलों को दिए गए थे।