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Balrampur News: सीएम का आदेश दरकिनार, मेडिकल कॉलेज अभी भी अधूरा
Tue, 22 Aug 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 22 Aug 2023 12:10 AM IST
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गोंडा में सर्किट हाउस के पास निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करती जिलाधिकारी नेहा शर्मा।
गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से तय तिथि के दो महीने बाद भी निर्माण कार्य पूरा न होने पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग के भवन निर्माण खंड के अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए अधिशाषी अभियंता बलरामपुर का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माण कार्य के प्रगति की हर रोज निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने की बात कही।
शैक्षिक सत्र 2023-24 में मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। जरूरी भवनों का निर्माण कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि 21 मार्च को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया था। उन्होेंने 20 जून तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर हैंडओवर करने का आदेश दिया था। लेकिन सीएम के डेडलाइन से दो महीने बाद भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
डीएम नेहा शर्मा ने सोमवार को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।
मौके पर नहीं मिले लोनिवि के जिम्मेदार
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी को लोक निर्माण विभाग के भवन निर्माण खंड का कोई भी प्रतिनिधि दिखाई नहीं पड़ा। जिसपर नाराजगी जताते हुए एक्सईएन बलरामपुर अनिल राकेश का वेतन रोके जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट को हर रोज निर्माण कार्य के प्रगति की निगरानी के लिए नामित किया जाएगा। निर्माण एजेंसी व लोकनिर्माण विभाग को निर्देशित किया गया था कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाय। ताकि एलओपी की कार्रवाई पूरी कर पढ़ाई शुरू की जा सके।
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वन स्टाॅप सेंटर पर ताले में बंद मिलीं पीड़िताएं
जिलाधिकारी ने सीएमओ कार्यालय के पास बने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। जिस दौरान उन्हें पीड़ित महिलाएं ताले के अंदर बंद मिलीं। इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निगरानी के लिए यदि आरक्षी हैं तो पीड़िताओं को निरुद्ध किया जाना उचित नहीं है। निरीक्षण के दौरान केयरटेकर उपस्थित नहीं मिली। शौचालय में गंदगी पाई गई। पीड़िताओं की रवानगी का ब्योरा रजिस्टर में दर्ज नहीं मिला। टीबी क्लीनिक के सामने गंदगी पसरी मिली। जिस पर उन्होंने सीएमओ को साफ-सफाई की व्यवस्था मुकम्मल कराने की हिदायत दी।
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शैक्षिक सत्र 2023-24 में मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। जरूरी भवनों का निर्माण कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि 21 मार्च को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया था। उन्होेंने 20 जून तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर हैंडओवर करने का आदेश दिया था। लेकिन सीएम के डेडलाइन से दो महीने बाद भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
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डीएम नेहा शर्मा ने सोमवार को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।
मौके पर नहीं मिले लोनिवि के जिम्मेदार
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी को लोक निर्माण विभाग के भवन निर्माण खंड का कोई भी प्रतिनिधि दिखाई नहीं पड़ा। जिसपर नाराजगी जताते हुए एक्सईएन बलरामपुर अनिल राकेश का वेतन रोके जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट को हर रोज निर्माण कार्य के प्रगति की निगरानी के लिए नामित किया जाएगा। निर्माण एजेंसी व लोकनिर्माण विभाग को निर्देशित किया गया था कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाय। ताकि एलओपी की कार्रवाई पूरी कर पढ़ाई शुरू की जा सके।
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वन स्टाॅप सेंटर पर ताले में बंद मिलीं पीड़िताएं
जिलाधिकारी ने सीएमओ कार्यालय के पास बने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। जिस दौरान उन्हें पीड़ित महिलाएं ताले के अंदर बंद मिलीं। इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निगरानी के लिए यदि आरक्षी हैं तो पीड़िताओं को निरुद्ध किया जाना उचित नहीं है। निरीक्षण के दौरान केयरटेकर उपस्थित नहीं मिली। शौचालय में गंदगी पाई गई। पीड़िताओं की रवानगी का ब्योरा रजिस्टर में दर्ज नहीं मिला। टीबी क्लीनिक के सामने गंदगी पसरी मिली। जिस पर उन्होंने सीएमओ को साफ-सफाई की व्यवस्था मुकम्मल कराने की हिदायत दी।