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कुपोषण के चलते बच्चों का नहीं होता समुचित विकास
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बलरामपुर। कुपोषण के चलते बच्चों का समुचित विकास नहीं हो पाता है। बच्चों का विकास बेहतर ढंग से हो इसके लिए धात्री माताओं को पौष्टिक भोजन करने की आवश्यकता है। बच्चों का बौद्घिक विकास होने से सैम व मैम होने की संभावना नहीं रहती है।
यह बातें मुख्य सेविका उषा मिश्रा ने बाल विकास परियोजना तुलसीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र लालनगर सिपहिया में बीते दिन बाल पोषण माह का शुभारंभ करते हुए कही। पिरामल के ब्लॉक परिवर्तन अधिकारी देवी प्रसाद पांडेय ने गर्भवती महिलाओं को सेहतमंद रहने के तौर-तरीके बताए।
पोषण अभियान के तहत बाल विकास परियोजना की तरफ गर्भवती महिलाओं व नवजातों के पोषण संबंधी अभियान चलाया गया। गर्भवती महिलाओं को खानपान के बारे में जानकारी दी गई।
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गर्भावस्था के दौरान सही ढंग से पौष्टिक भोजन का सेवन करने से गर्भ में पलने वाले बच्चे का पूरी तरह से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। मुख्य सेविका विमला, प्रेमलता तिवारी, सुशीला, आगनबाड़ी कार्यकर्ता करुणावती, उषा, रश्मि पांडेय, पुष्पा मिश्रा, शीला देवी, उर्मिला, सीमा, रामकली, शिवकुमारी, सुभावती, लक्ष्मी, अनिता, संतोषा देवी, वंदना मौर्या व कमला आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
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यह बातें मुख्य सेविका उषा मिश्रा ने बाल विकास परियोजना तुलसीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र लालनगर सिपहिया में बीते दिन बाल पोषण माह का शुभारंभ करते हुए कही। पिरामल के ब्लॉक परिवर्तन अधिकारी देवी प्रसाद पांडेय ने गर्भवती महिलाओं को सेहतमंद रहने के तौर-तरीके बताए।
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पोषण अभियान के तहत बाल विकास परियोजना की तरफ गर्भवती महिलाओं व नवजातों के पोषण संबंधी अभियान चलाया गया। गर्भवती महिलाओं को खानपान के बारे में जानकारी दी गई।
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गर्भावस्था के दौरान सही ढंग से पौष्टिक भोजन का सेवन करने से गर्भ में पलने वाले बच्चे का पूरी तरह से शारीरिक व मानसिक विकास होता है। मुख्य सेविका विमला, प्रेमलता तिवारी, सुशीला, आगनबाड़ी कार्यकर्ता करुणावती, उषा, रश्मि पांडेय, पुष्पा मिश्रा, शीला देवी, उर्मिला, सीमा, रामकली, शिवकुमारी, सुभावती, लक्ष्मी, अनिता, संतोषा देवी, वंदना मौर्या व कमला आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।