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Balrampur News: मुख्यमंत्री सहायता राशि लेने से किया इन्कार, प्रशासन पर भड़के परिजन
Sat, 06 Jun 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:52 PM IST
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फोटो-14- उतरौला के अहरौला गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे विधायक रामप्रताप वर्मा, डीएम व
उतरौला। अहरौला गांव में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने धनराज मौर्य की मौत के बाद परिवार के जख्मों को फिर से सामने ला दिया। मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के तहत तीन लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. विपिन जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के सामने परिजनों का दर्द और गुस्सा फूट पड़ा। परिवार ने सहायता राशि लेने से इन्कार करते हुए साफ कहा कि उन्हें केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि धनराज के हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और न्याय चाहिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय विधायक राम प्रताप वर्मा भी गांव पहुंचे थे। जैसे ही अधिकारियों ने सहायता राशि का चेक सौंपने की प्रक्रिया शुरू की, परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना को 12 दिन बीत चुके हैं और अब प्रशासन उनकी सुध लेने पहुंचा है। उनका आरोप था कि दोषियों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती अब तक दिखाई नहीं गई है। परिजनों के विरोध के बीच गांव का माहौल भी गरमा गया। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने, उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई करने और हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग उठाई। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आर्थिक सहायता परिवार के दुख को कम नहीं कर सकती, जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता। इस दौरान परिजनों ने यह पीड़ा भी व्यक्त की कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री से वह लोग नहीं मिल सके। परिवार का कहना था कि उनके दर्द को सुनने और न्याय का भरोसा देने की सबसे अधिक जरूरत थी। करीब एक घंटे तक गांव में मान-मनौव्वल और बातचीत का दौर चलता रहा। आखिरकार विधायक राम प्रताप वर्मा ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद परिजन सहायता राशि का चेक लेने के लिए तैयार हुए। उधर प्रशासन ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए आरोपियों के कब्जे से पिपराराम क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया है। एसडीएम मनोज कुमार सरोज ने बताया कि नवीन परती भूमि को मुक्त कराकर वहां पुलिस चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय विधायक राम प्रताप वर्मा भी गांव पहुंचे थे। जैसे ही अधिकारियों ने सहायता राशि का चेक सौंपने की प्रक्रिया शुरू की, परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना को 12 दिन बीत चुके हैं और अब प्रशासन उनकी सुध लेने पहुंचा है। उनका आरोप था कि दोषियों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती अब तक दिखाई नहीं गई है। परिजनों के विरोध के बीच गांव का माहौल भी गरमा गया। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने, उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई करने और हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग उठाई। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आर्थिक सहायता परिवार के दुख को कम नहीं कर सकती, जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता। इस दौरान परिजनों ने यह पीड़ा भी व्यक्त की कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री से वह लोग नहीं मिल सके। परिवार का कहना था कि उनके दर्द को सुनने और न्याय का भरोसा देने की सबसे अधिक जरूरत थी। करीब एक घंटे तक गांव में मान-मनौव्वल और बातचीत का दौर चलता रहा। आखिरकार विधायक राम प्रताप वर्मा ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद परिजन सहायता राशि का चेक लेने के लिए तैयार हुए। उधर प्रशासन ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए आरोपियों के कब्जे से पिपराराम क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया है। एसडीएम मनोज कुमार सरोज ने बताया कि नवीन परती भूमि को मुक्त कराकर वहां पुलिस चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा।
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