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Balrampur News: मनरेगा घोटाले में प्रधान, सचिव, एपीओ व रोजगार सेवक पर केस

Sat, 08 Mar 2025 09:32 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 09:32 PM IST
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Case filed against Pradhan, Secretary, APO and Rojgar Sevak in MNREGA scam
बलरामपुर के विशुनपुर टनटनवां में बदहाल पड़ा तालाब।-संवाद
बलरामपुर। मनरेगा घोटाले में पचपेड़वा ब्लॉक के विशुनपुर टनटनवा गांव के प्रधान अब्दुल वहाब, ग्राम पंचायत सचिव गिरजाशंकर, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अतुल कुमार मिश्र व ग्राम रोजगार सेवक जुबेर खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। बीडीओ पचपेड़वा मोहित दुबे की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपियों पर 58 लाख 34 हजार 466 रुपये के घाेटाले का आरोप है। डीएम पवन अग्रवाल के निर्देश पर पीडी राघवेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में गठित तकनीकी टीम की जांच में मनरेगा में घोटाले की पुष्टि की थी।
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पचपेड़वा थाने में बीडीओ मोहित दुबे ने तहरीर में कहा कि विशुनपुर टनटनवा गांव में तीन तालाबों का सुंदरीकरण मनरेगा के तहत कराया गया। इसमें डीएम से शिकायत की गई कि डॉ. अय्यूब के खेत व नहर के किनारे स्थित तालाब के निर्माण के नाम पर 58 लाख 34 हजार 466 रुपये खर्च दिखाकर सरकारी धन का बंदर-बांट किया गया है। तालाब में साल भर से पानी भरा है। तालाब का न तो कोई निर्माण और न ही सुंदरीकरण हुआ है।
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डीएम पवन अग्रवाल ने पीडी राघवेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में तकनीकी टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई। टीम की जांच में यह खुलासा हुआ कि निरीक्षण के समय तालाब में पानी भरा था, जिसकी गहराई दो से तीन मीटर तक है। तालाब में कराए गए कार्य का मूल्यांकन करना संभव नहीं है। जांच में पाया गया कि डॉ. अय्यूब के खेत के पास तालाब निर्माण, नहर के किनारे तालाब के सुंदरीकरण और गांव के पश्चिम स्थित तालाब के जीर्णोद्धार पर नवंबर 2024 के बाद जो भुगतान किया गया है, वह अनियमित है। स्थलीय निरीक्षण में शिकायतकर्ता की बात सत्य पाई गई है।
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डीएम ने जांच आख्या का परीक्षण सीडीओ हिमांशु गुप्त से कराया। सीडीओ के परीक्षण में भी शिकायत सही पाई गई है। नवंबर 2024, दिसंबर 2024 व जनवरी 2025 में इन तालाबों में मस्टररोल जारी करके 22.69 लाख का भुगतान प्रस्तावित कर एफटीओ जारी किया गया। इन परियोजनाओं पर कुल 38.49 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, यह भुगतान अनियमित है। कूटरचित अभिलेख, गलत मापन, मजदूरों की गलत उपस्थिति के आधार पर भुगतान किया गया है। प्रभारी निरीक्षक थाना पचपेड़वा सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उप निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह काे सौंपी गई है।

बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई पर चुप्पी
मनरेगा घोटाले में पचपेड़वा ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ और कार्यक्रम अधिकारी धनंजय सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति हुई थी। डीएम ने 04 मार्च को आदेश दिया है कि पचपेड़वा ब्लॉक में हुई वित्तीय अनियमितता में बीडीओ धनंजय सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की जाय। दर्ज कराई गई एफआईआर में बीडीओ का नाम शामिल नहीं है। यही नहीं बीडीओ का गोरखपुर तबादला हो गया और कार्यमुक्त भी हो गए। इससे ब्लॉक के अन्य कर्मचारी कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
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