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अधूरी तैयारी के कारण किसानों को नहीं मिल रहा नहर का लाभ
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बलरामपुर। देश की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना सरयू नहर का लोकार्पण भले ही प्रधानमंत्री ने कर दिया गया हो, लेकिन इससे लिंक 34 नहरें अभी तक तैयार नहीं है। लिंक नहरों में पानी न छोड़े जाने से मुख्य नहर का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। असिंचित क्षेत्र के किसानों को पानी नहीं मिलने से रबी की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
सरयू मुख्य नहर की लंबाई जिले में करीब 95 किलोमीटर है। मुख्य नहर में लोकार्पण के बाद लबालब पानी भरा है। मुख्य नहर से किसान कोई सिंचाई नहीं कर सकते। जनपद में सिंचाई के लिए 34 लिंक नहरें निकाली गई हैं।
इन नहरों में आने वाले पानी से किसान खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। जिले में सरयू नहर से लिंक की जाने वाली लिंक नहरें अभी पानी छोड़े जाने को तैयार ही नहीं हैं। लिंक नहरों में कहीं सायफन तो कहीं पुलिया का निर्माण हो रहा है।
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जर्जर लिंक नहरों की सफाई व मरम्मत का काम अभी चल रहा है। बीते दिनों जर्जर व क्षतिग्रस्त लिंक नहर में पानी छोड़े जाने से महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कई गांव के किसानों की लगभग 1200 बीघे तिलहनी, गेहूं व मसूर की फसल तबाह हो गई थी।
बता दें कि नहर से ब्लॉक हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा के असिंचित करीब डेढ़ लाख किसानों के खेतों की सिंचाई कर पाएंगे। लिंक नहरें तैयार न होने से बेलीकला, कल्यानपुर, शिवपुरा, करौंदा, ओड़ाझार, बनकटवा, ओड़ाझार खुर्द व भवनियापुर सहित करीब 100 गांवों के लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिलना था।
किसान राकेश पांडेय, सुधीर सिंह, इलियास, नुरुल खां, शिव प्रसाद यादव, करीमुल्ला तथा पप्पू मिश्रा ने लिंक नहरों के शीघ्र तैयार कर उसमें पानी छोड़े जाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।
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सरयू मुख्य नहर की लंबाई जिले में करीब 95 किलोमीटर है। मुख्य नहर में लोकार्पण के बाद लबालब पानी भरा है। मुख्य नहर से किसान कोई सिंचाई नहीं कर सकते। जनपद में सिंचाई के लिए 34 लिंक नहरें निकाली गई हैं।
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इन नहरों में आने वाले पानी से किसान खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। जिले में सरयू नहर से लिंक की जाने वाली लिंक नहरें अभी पानी छोड़े जाने को तैयार ही नहीं हैं। लिंक नहरों में कहीं सायफन तो कहीं पुलिया का निर्माण हो रहा है।
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जर्जर लिंक नहरों की सफाई व मरम्मत का काम अभी चल रहा है। बीते दिनों जर्जर व क्षतिग्रस्त लिंक नहर में पानी छोड़े जाने से महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कई गांव के किसानों की लगभग 1200 बीघे तिलहनी, गेहूं व मसूर की फसल तबाह हो गई थी।
बता दें कि नहर से ब्लॉक हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा के असिंचित करीब डेढ़ लाख किसानों के खेतों की सिंचाई कर पाएंगे। लिंक नहरें तैयार न होने से बेलीकला, कल्यानपुर, शिवपुरा, करौंदा, ओड़ाझार, बनकटवा, ओड़ाझार खुर्द व भवनियापुर सहित करीब 100 गांवों के लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिलना था।
किसान राकेश पांडेय, सुधीर सिंह, इलियास, नुरुल खां, शिव प्रसाद यादव, करीमुल्ला तथा पप्पू मिश्रा ने लिंक नहरों के शीघ्र तैयार कर उसमें पानी छोड़े जाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।