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Balrampur News: थाने बुलाए गए कारोबारी की मौत
Fri, 23 Oct 2026 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:24 AM IST
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बलरामपुर के सेखुइनिया कला गांव शोकाकुल मृतक के परिजन ।
तुलसीपुर/बलरामपुर। ट्रक का पहिया चोरी करने के आरोप से जुड़े विवाद में पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए 46 वर्षीय कारोबारी रंजीत सैनी की घर पहुंचने के बाद मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब नौ बजे पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए थे। वहां तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को बताए बिना सीएचसी तुलसीपुर पहुंचा दिया गया।
परिजन अस्पताल पहुंचे तो रंजीत एक कमरे में मिले। परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों ने उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया। रात करीब 10 बजे तबीयत फिर बिगड़ी तो दोबारा एंबुलेंस से सीएचसी तुलसीपुर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले में दो सिपाहियों रत्नेश कुमार और देवाशीष मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।
तुलसीपुर क्षेत्र के सेखुइनिया कला गांव निवासी रंजीत सैनी के पास दो ट्रक थे। उनके चचेरे भाई पाटेश्वरी सैनी ने बताया कि बलरामपुर शहर के तुलसीपार्क मोहल्ला निवासी परमजीत सिंह का ट्रक भी उसी स्थान के आसपास खड़ा रहता था। 20 अक्तूबर को परमजीत ने ट्रक का टायर बदलने के बाद रंजीत पर अपने ट्रक का पहिया उनके वाहन में लगाने का आरोप लगाया।
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जानकारी मिलने पर रंजीत ने परमजीत को फोन किया और आरोप को गलत बताया। परिवार का आरोप है कि बातचीत के दौरान परमजीत ने उन्हें गाली दी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। परिजनों के मुताबिक, इस विवाद के बाद रंजीत मानसिक तनाव में थे। बुधवार सुबह करीब नौ बजे तुलसीपुर थाने के आरक्षी रत्नेश कुमार और देवाशीष मिश्रा उन्हें थाने ले गए। बाद में रंजीत सीएचसी में मिले। सीओ ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी परमजीत सिंह सरदार की तलाश के लिए टीम लगाई गई है।
पुलिस और अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
चचेरे भाई ने बताया कि थाने में रंजीत की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सीएचसी तुलसीपुर छोड़ आए। रंजीत की तलाश में थाने पहुंचे परिजनों को उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि रंजीत एक कमरे में बंद हालत में पड़े थे। उन्हें समुचित उपचार नहीं मिल रहा था। परिवार के अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज शुरू किया गया। परिजनों ने अस्पताल के अधीक्षक और कर्मचारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समय से उचित उपचार मिलता तो रंजीत की जान बच सकती थी।
बौद्ध परिपथ जाम करने पहुंचे ग्रामीण
रंजीत की मौत की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और बृहस्पतिवार सुबह बौद्ध परिपथ जाम करने के लिए पहुंच गए। सीओ अभय प्रताप मल्ल ने परिजनों से तहरीर लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने दोनों सिपाहियों के निलंबन का आदेश भी दिखाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उनकी मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
तुलसीपुर थाने में तैनात आरक्षी रत्नेश कुमार और आरक्षी देवाशीष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रंजीत सैनी को बिना अनुमति थाने बुलाने और इसकी जानकारी प्रभारी निरीक्षक व उच्चाधिकारियों को नहीं देने के आरोप गंभीर हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।
मार्तंड प्रकाश सिंह, एसपी
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परिजन अस्पताल पहुंचे तो रंजीत एक कमरे में मिले। परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों ने उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया। रात करीब 10 बजे तबीयत फिर बिगड़ी तो दोबारा एंबुलेंस से सीएचसी तुलसीपुर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले में दो सिपाहियों रत्नेश कुमार और देवाशीष मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।
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तुलसीपुर क्षेत्र के सेखुइनिया कला गांव निवासी रंजीत सैनी के पास दो ट्रक थे। उनके चचेरे भाई पाटेश्वरी सैनी ने बताया कि बलरामपुर शहर के तुलसीपार्क मोहल्ला निवासी परमजीत सिंह का ट्रक भी उसी स्थान के आसपास खड़ा रहता था। 20 अक्तूबर को परमजीत ने ट्रक का टायर बदलने के बाद रंजीत पर अपने ट्रक का पहिया उनके वाहन में लगाने का आरोप लगाया।
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जानकारी मिलने पर रंजीत ने परमजीत को फोन किया और आरोप को गलत बताया। परिवार का आरोप है कि बातचीत के दौरान परमजीत ने उन्हें गाली दी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। परिजनों के मुताबिक, इस विवाद के बाद रंजीत मानसिक तनाव में थे। बुधवार सुबह करीब नौ बजे तुलसीपुर थाने के आरक्षी रत्नेश कुमार और देवाशीष मिश्रा उन्हें थाने ले गए। बाद में रंजीत सीएचसी में मिले। सीओ ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी परमजीत सिंह सरदार की तलाश के लिए टीम लगाई गई है।
पुलिस और अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
चचेरे भाई ने बताया कि थाने में रंजीत की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सीएचसी तुलसीपुर छोड़ आए। रंजीत की तलाश में थाने पहुंचे परिजनों को उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि रंजीत एक कमरे में बंद हालत में पड़े थे। उन्हें समुचित उपचार नहीं मिल रहा था। परिवार के अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज शुरू किया गया। परिजनों ने अस्पताल के अधीक्षक और कर्मचारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समय से उचित उपचार मिलता तो रंजीत की जान बच सकती थी।
बौद्ध परिपथ जाम करने पहुंचे ग्रामीण
रंजीत की मौत की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश व्याप्त हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और बृहस्पतिवार सुबह बौद्ध परिपथ जाम करने के लिए पहुंच गए। सीओ अभय प्रताप मल्ल ने परिजनों से तहरीर लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने दोनों सिपाहियों के निलंबन का आदेश भी दिखाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उनकी मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
तुलसीपुर थाने में तैनात आरक्षी रत्नेश कुमार और आरक्षी देवाशीष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रंजीत सैनी को बिना अनुमति थाने बुलाने और इसकी जानकारी प्रभारी निरीक्षक व उच्चाधिकारियों को नहीं देने के आरोप गंभीर हैं। मामले की जांच कराई जा रही है।
मार्तंड प्रकाश सिंह, एसपी