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Balrampur News: पांच राजकीय स्कूलों के भवन बने सफेद हाथी, संचालन का इंतजार
Sat, 01 Jun 2024 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 01 Jun 2024 12:47 AM IST
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बलरामपुर के पतझी में बना राजकीय हाईस्कूल
बलरामपुर। आकांक्षी जनपदों में शामिल बलरामपुर में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए चार इंटर कॉलेज व एक राजकीय हाईस्कूल बनकर तैयार हो गए हैं। लेकिन नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक इनमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। यही नहीं, इनमें न तो शिक्षक न ही फर्नीचरों की व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि आचार संहिता लागू होने के कारण अभी तक भवनों का हैंडओवर नहीं किया जा सका है। हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका संचालन शुरू किया जाएगा। पांचों विद्यालयों के निर्माण में करीब 13 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
सदर विकास खंड के घुघुलपुर गांव में 8,36,22,000 रुपये की लागत से बालिकाओं के लिए दो राजकीय इंटर कॉलेजों का निर्माण कराया गया है। नेपाल सीमा से सटे हरैया सतघरवा विकास खंड के लखौरा गांव में 4,18,11,000 रुपये की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इतने ही लागत से श्रीदत्तगंज विकास खंड के तेंदुई गांव में भी राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा बनकटवा पतझी कला गांव में 69.51 लाख रुपये से राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कराया गया है। सभी विद्यालयों के भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। आचार संहिता लागू होने के कारण इन विद्यालयों का हस्तांतरण नहीं हो सका है। अब चुनाव के बाद हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाने की उम्मीद है।
बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं विद्यार्थी
जिले के पिछड़े ब्लॉकों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर व उच्च शिक्षा के लिए बेहतर कॉलेज न होने के कारण अधिकांश छात्रों को बीच में पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है। जिले के हरैयास सतघरवा, सदर व श्रीदत्तगंज ब्लॉकों में चार राजकीय इंटर कॉलेज व एक राजकीय हाईस्कूल का संचालन शुरू होने से क्षेत्र के करीब चार हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
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हस्तांतरण होते ही शुरू होगा संचालन
जिले में चार राजकीय इंटर कॉलेज व एक राजकीय हाईस्कूल बनकर तैयार हो गए हैं। आचार संहिता लागू होने के कारण कई कार्य ठप हो गए थे। शीघ्र ही भवनों का हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी कराकर विद्यालयों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
- गोविंद राम, डीआईओएस
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सदर विकास खंड के घुघुलपुर गांव में 8,36,22,000 रुपये की लागत से बालिकाओं के लिए दो राजकीय इंटर कॉलेजों का निर्माण कराया गया है। नेपाल सीमा से सटे हरैया सतघरवा विकास खंड के लखौरा गांव में 4,18,11,000 रुपये की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इतने ही लागत से श्रीदत्तगंज विकास खंड के तेंदुई गांव में भी राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा बनकटवा पतझी कला गांव में 69.51 लाख रुपये से राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कराया गया है। सभी विद्यालयों के भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। आचार संहिता लागू होने के कारण इन विद्यालयों का हस्तांतरण नहीं हो सका है। अब चुनाव के बाद हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाने की उम्मीद है।
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बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं विद्यार्थी
जिले के पिछड़े ब्लॉकों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर व उच्च शिक्षा के लिए बेहतर कॉलेज न होने के कारण अधिकांश छात्रों को बीच में पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है। जिले के हरैयास सतघरवा, सदर व श्रीदत्तगंज ब्लॉकों में चार राजकीय इंटर कॉलेज व एक राजकीय हाईस्कूल का संचालन शुरू होने से क्षेत्र के करीब चार हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
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हस्तांतरण होते ही शुरू होगा संचालन
जिले में चार राजकीय इंटर कॉलेज व एक राजकीय हाईस्कूल बनकर तैयार हो गए हैं। आचार संहिता लागू होने के कारण कई कार्य ठप हो गए थे। शीघ्र ही भवनों का हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी कराकर विद्यालयों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
- गोविंद राम, डीआईओएस