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बर्ड फ्लू से बचाव के लिए बनाया जाए कंट्रोल रूम
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बलरामपुर। बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं बचाव को लेकर जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने ब्लॉक स्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया। कहीं भी पक्षी की मौत होने पर तुरंत जांच सुनिश्चित करने का निर्देश भी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्रुति ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह को निर्देश दिया कि बर्ड फ्लू से बचाव एवं रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। सभी पोल्ट्री फार्मिंग से जुड़े लोगों को साफ सफाई एवं बचाव के लिए जागरूक किया जाए। ब्लॉक स्तरीय टीम गठित कर बर्ड फ्लू से बचाव के लिए पक्षियों व पोल्ट्री फार्म की निगरानी की जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पशु पालन विभाग की टीम लगातार पोल्ट्री फार्म के क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। घरेलू व प्रवासी पक्षियों की अस्वाभाविक मौत की सूचना मिलने पर जांच कराई जा रही है।
बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं बचाव के लिए पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने यह भी बताया कि एवीएन इनफ्लुएंजा वायरस एक ऐसा वायरस है जो व्यक्तियों को भी संक्रमित कर सकता है। यह संक्रमण संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार व आंखों से निकलने वाले पानी से फैलता है। बर्ड फ्लू का संक्रमण होने पर खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, सर दर्द, मांस पेशियों में दर्द, पेट में दर्द और आंखों में संक्रमण की समस्या हो सकती है।
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इस संक्रमण से बचाव के लिए पोल्ट्री फार्म में जाने से बचे। वहां काम कर रहे लोगों के संपर्क में न आएं। अपने हाथों को 15 सेकेंड तक साबुन से धोएं। फुल आस्तीन के कपड़े पहने। भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें। बैठक में सीडीओ अमनदीप डुली, डीएफओ रजनीकांत मित्तल, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुजीत कुमार व नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी एवं सभी ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्रुति ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह को निर्देश दिया कि बर्ड फ्लू से बचाव एवं रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। सभी पोल्ट्री फार्मिंग से जुड़े लोगों को साफ सफाई एवं बचाव के लिए जागरूक किया जाए। ब्लॉक स्तरीय टीम गठित कर बर्ड फ्लू से बचाव के लिए पक्षियों व पोल्ट्री फार्म की निगरानी की जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पशु पालन विभाग की टीम लगातार पोल्ट्री फार्म के क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। घरेलू व प्रवासी पक्षियों की अस्वाभाविक मौत की सूचना मिलने पर जांच कराई जा रही है।
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बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं बचाव के लिए पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने यह भी बताया कि एवीएन इनफ्लुएंजा वायरस एक ऐसा वायरस है जो व्यक्तियों को भी संक्रमित कर सकता है। यह संक्रमण संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार व आंखों से निकलने वाले पानी से फैलता है। बर्ड फ्लू का संक्रमण होने पर खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, सर दर्द, मांस पेशियों में दर्द, पेट में दर्द और आंखों में संक्रमण की समस्या हो सकती है।
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इस संक्रमण से बचाव के लिए पोल्ट्री फार्म में जाने से बचे। वहां काम कर रहे लोगों के संपर्क में न आएं। अपने हाथों को 15 सेकेंड तक साबुन से धोएं। फुल आस्तीन के कपड़े पहने। भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें। बैठक में सीडीओ अमनदीप डुली, डीएफओ रजनीकांत मित्तल, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुजीत कुमार व नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी एवं सभी ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।