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खेती, शिक्षा व सेहत में दूर होगा जिले का पिछड़ापन

Fri, 27 Dec 2019 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 11:06 PM IST
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Backwardness of the district will be away in agriculture, education and health
बलरामपुर। जिले का पिछड़ापन दूर करने के लिए प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। बीते दिन लखनऊ में हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल तथा कृषि क्षेत्र में जिले का पिछड़ापन दूर करने का निर्देश संबंधित अफसरों को दिया है। नीति आयोग से जिले को 2.47 करोड़ रुपये की सौगात मिली है।
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जनवरी व फरवरी 2019 में नीति आयोग की रैंकिंग में शानदार सुधार होने पर नीति आयोग ने तीन करोड़ रुपये की धनराशि बेसिक शिक्षा विभाग के मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए दिया है। नीति आयोग की इस धनराशि से बेसिक शिक्षा के मूलभूत सुविधाओं के सुधार में रफ्तार बढ़ेगी।
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डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि नीति आयोग की तरफ से भेजी 2.47 करोड़ रुपये की धनराशि के संबंध में कार्य योजना मांगी गई है। उच्च प्राथमिक स्कूलों के विज्ञान लाइब्रेरी पर 1.50,00,000 रुपयेे, कैपसिटी बिल्डिंग एंड ट्रेनिंग पर 1,20,400 रुपये, प्राथमिक स्कूलों में छात्रों को गणित के किट पर 22,00,000 रुपये, प्राथमिक स्कूलों में छात्रों के अंग्रेजी किटस पर 6,60,000 रुपये, प्राथमिक स्कूलों में छात्रों के हिंदी किट्स 12,49,600 रुपये, स्कूूलों में लर्निंग उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 11,00,000 रुपये, स्कूलों में लाइब्रेरी विकसित करने पर 22,00,000 और जूनियर व हाईस्कूलों में आरओ सिस्टम पर 21,70,000 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी कार्य योजना को तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। शासन की अनुमति के बाद इन क्षेत्रों में नीति आयोग की मानकों के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।
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नीति आयोग के सुझाव पर जिले के 2221 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 8,01,12,500 रुपये की लागत से पंचायती राज विभाग के सहयोग से कायाकल्प कराया जा रहा है। जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में संसाधनों के सौंदर्यीकरण पर धनराशि खर्च की जा रही है। रंगाई-पुताई के साथ-साथ छोटे-मोटे निर्माण कार्य भी इस धनराशि से कराए गए है।
स्कूलों में छात्रों के नामांकन के आधार पर धनराशि का आवंटन किया गया है। छात्रों की संख्या एक से 14 होने पर 12,500 रुपये, छात्रों की संख्या 15 से 100 तक होने पर 25,000 रुपये, छात्रों 101 से 250 तक होने पर 50 हजार रुपये, छात्रों की संख्या 251 से 1,000 तक होने पर 75,000 रुपये की धनराशि दी गई है। 10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता पर अनिवार्य रुप से खर्च किया जा रहा है।
सीडीओ अमनदीप डुली ने बताया कि सीएम की अध्यक्षता में लखनऊ में 26 दिसंबर को नीति आयोग की समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा बैठक में प्रदेश में चयनित आकांक्षात्मक जनपदों के अफसरों को नीति आयोग की नीतियों के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार, पेंशन, लोन, सिंचाई जैसे संसाधन आसानी से मिल सके इस बात पर विशेष रुप से कार्य करने का निर्देश बैठक में दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग को दिए गए धनराशि की कार्य योजना भी मांगी गई है।

डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि नीति आयोग के प्रयास से जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। हर माह रैंकिंग के आधार पर विभागीय कार्यों की नीति आयोग की तरफ से लगातार समीक्षा की जा रही है। धीरे-धीरे प्रयास से जिले का पिछड़ापन दूर हो रहा है।
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