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वित्त विहीन शिक्षकों ने मांगा 15 हजार रुपये मानदेय
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बलरामपुर। नगर के सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज सभागार में सोमवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बैठक हुई। बैठक में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए उन्हें 15 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग प्रदेश सरकार से की गई।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड के प्रत्याशी अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था काफी हद तक वित्तविहीन विद्यालयों पर आश्रित है। लोगों को शिक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को सरकार द्वारा न तो वेतन दिया जा रहा है और न मानदेय ही मिल रहा है।
उन्होंने मांग उठाई कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए जब तक सरकार वेतन की व्यवस्था नहीं करती है तब तक उन्हें कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य केपी यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के लिए संघर्ष ही एक मात्र विकल्प है।
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वित्तविहीन शिक्षक महासभा की नवनियुक्त प्रदेश महासचिव रीता चौधरी ने कहा कि हम लोग सरकार से वित्त विहीन शिक्षकों के लिए मानदेय लेकर रहेंगे।
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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड के प्रत्याशी अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था काफी हद तक वित्तविहीन विद्यालयों पर आश्रित है। लोगों को शिक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को सरकार द्वारा न तो वेतन दिया जा रहा है और न मानदेय ही मिल रहा है।
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उन्होंने मांग उठाई कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए जब तक सरकार वेतन की व्यवस्था नहीं करती है तब तक उन्हें कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य केपी यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के लिए संघर्ष ही एक मात्र विकल्प है।
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वित्तविहीन शिक्षक महासभा की नवनियुक्त प्रदेश महासचिव रीता चौधरी ने कहा कि हम लोग सरकार से वित्त विहीन शिक्षकों के लिए मानदेय लेकर रहेंगे।