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3.35 लाख लाभार्थियों को सेहतमंद बनाने पर फोकस
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बलरामपुर। बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग में पंजीकृत 3.35 लाख लाभार्थियों को सेहतमंद बनाने पर फोकस किया जाएगा। जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 26 मई को पोषण पाठशाला कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। पोषण पाठशाला में वेब लिंक के माध्यम से अधिकारियों व कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा। वेब लिंक से जुड़ने वाले विशेषज्ञों की तरफ से विभाग की छह सेवाओं के बारे में सभी लाभार्थियों को सेहतमंद रहने की जानकारी देंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले कार्यक्रम से पांच साल तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित करने प्रयास किया जाएगा।
विभाग में पंजीकृत छह माह से पांच साल तक के 2,61,512 बच्चों, 67,334 किशोरियों, धात्री व गर्भवती महिलाओं और 5557 अतिकुपोषित बच्चों को पोषण प्रबंधन पर जानकारी देने के लिए 26 मई को वर्चुअल पाठशाला कराने की तैयारियां की जा रही है। वेब लिंक से पोषण पाठशाला में जुड़ने वाले विशेषज्ञ अधिकारियों की तरफ से लाभार्थियों को सेहत दुरुस्त रखने के बारे में बताएंगे। विभाग की पहली सेवा अन्नपूरक पोषाहार वितरण है, जिसमें लाभार्थियों को ड्राई राशन के वितरण के संबंध में बताया जाएगा। दूसरी सेवा टीकाकरण है, जिसमें सभी बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को बीएचएनडी दिवस पर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
तीसरी सेवा स्वास्थ्य जांच से जुड़ी हुई है, जिसमें गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व चार प्रकार की जांच कराने के लिए सुझाव दिया जाएगा। साथ ही सैम, मैम व लाल श्रेणी वाले बच्चों को स्वास्थ्य जांच कराने के संबंध में बताया जाएगा। विभाग की चौथी सेवा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित है, जिसमें विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों से अन्नप्रासन, गोदभराई व सुपोषण दिवस पर सभी लाभार्थियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए जाएंगे।
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पांचवी सेवा स्कूल पूर्व शिक्षा है, जिसमें तीन से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकन कराने, केंद्रों पर भेजने और खेल-खेल में उनको पढ़ाने की गतिविधियां सिखाने के बारे हैं। छठवीं सेवा संदर्भन है, जिसमें बीमार बच्चे का नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए परामर्श देना है। इसके अतिरिक्त अन्य सुविधाओं के बारे में फोकस करने का सुझाव दिया जाएगा जिसमें (सैम) अर्थात तीव्र अतिकुपोषित बच्चे को जिला मेमोरियल अस्पताल के 10 बेड वाले पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए प्रेरित करना है। केंद्र में 14 दिनों तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। साथ ही छह माह तक के बच्चों को स्तनपान के बारे में सुझाव देना है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर राकेेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने सदर ब्लॉक के बेलवा बिनोहनी गांव में पोषण पाठशाला की शुरुआत की थी, जिसके बारे में निदेशालय को अवगत कराया गया। (संवाद)
मई माह 2022 में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या
कुल आंगनबाड़ी केंद्र-1882
छह से तीन माह तक के बच्चे-1,39,044
तीन से छह वर्ष तक के बच्चे-1,22,468
गर्भवती-32,639
धात्री-31,955
अतिकुपोषत बच्चे-5557
11 से 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरियां-2740
सभी लाभार्थियों से जुड़ने की अपील
शासन के निर्देश पर 26 मई को दोपहर 12 से दो बजे के मध्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पोषण पाठशाला कराने की सभी तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम की थीम शीघ्र स्तनपान, केवल स्तनपान होगी। पोषण पाठशाला में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा, जो शीघ्र स्तनपान, केवल स्तनपान की आवश्यकता, महत्व, उपयोगिता, पोषण प्रबंधन व कुपोषण से बचाव सहित छह सेवाओं के बारे में लाभार्थियों को जानकारी देंगे। निहारिका विश्वकर्मा, डीपीओ
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विभाग में पंजीकृत छह माह से पांच साल तक के 2,61,512 बच्चों, 67,334 किशोरियों, धात्री व गर्भवती महिलाओं और 5557 अतिकुपोषित बच्चों को पोषण प्रबंधन पर जानकारी देने के लिए 26 मई को वर्चुअल पाठशाला कराने की तैयारियां की जा रही है। वेब लिंक से पोषण पाठशाला में जुड़ने वाले विशेषज्ञ अधिकारियों की तरफ से लाभार्थियों को सेहत दुरुस्त रखने के बारे में बताएंगे। विभाग की पहली सेवा अन्नपूरक पोषाहार वितरण है, जिसमें लाभार्थियों को ड्राई राशन के वितरण के संबंध में बताया जाएगा। दूसरी सेवा टीकाकरण है, जिसमें सभी बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को बीएचएनडी दिवस पर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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तीसरी सेवा स्वास्थ्य जांच से जुड़ी हुई है, जिसमें गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व चार प्रकार की जांच कराने के लिए सुझाव दिया जाएगा। साथ ही सैम, मैम व लाल श्रेणी वाले बच्चों को स्वास्थ्य जांच कराने के संबंध में बताया जाएगा। विभाग की चौथी सेवा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित है, जिसमें विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों से अन्नप्रासन, गोदभराई व सुपोषण दिवस पर सभी लाभार्थियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए जाएंगे।
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पांचवी सेवा स्कूल पूर्व शिक्षा है, जिसमें तीन से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकन कराने, केंद्रों पर भेजने और खेल-खेल में उनको पढ़ाने की गतिविधियां सिखाने के बारे हैं। छठवीं सेवा संदर्भन है, जिसमें बीमार बच्चे का नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए परामर्श देना है। इसके अतिरिक्त अन्य सुविधाओं के बारे में फोकस करने का सुझाव दिया जाएगा जिसमें (सैम) अर्थात तीव्र अतिकुपोषित बच्चे को जिला मेमोरियल अस्पताल के 10 बेड वाले पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के लिए प्रेरित करना है। केंद्र में 14 दिनों तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। साथ ही छह माह तक के बच्चों को स्तनपान के बारे में सुझाव देना है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सदर राकेेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने सदर ब्लॉक के बेलवा बिनोहनी गांव में पोषण पाठशाला की शुरुआत की थी, जिसके बारे में निदेशालय को अवगत कराया गया। (संवाद)
मई माह 2022 में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या
कुल आंगनबाड़ी केंद्र-1882
छह से तीन माह तक के बच्चे-1,39,044
तीन से छह वर्ष तक के बच्चे-1,22,468
गर्भवती-32,639
धात्री-31,955
अतिकुपोषत बच्चे-5557
11 से 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरियां-2740
सभी लाभार्थियों से जुड़ने की अपील
शासन के निर्देश पर 26 मई को दोपहर 12 से दो बजे के मध्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पोषण पाठशाला कराने की सभी तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम की थीम शीघ्र स्तनपान, केवल स्तनपान होगी। पोषण पाठशाला में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा, जो शीघ्र स्तनपान, केवल स्तनपान की आवश्यकता, महत्व, उपयोगिता, पोषण प्रबंधन व कुपोषण से बचाव सहित छह सेवाओं के बारे में लाभार्थियों को जानकारी देंगे। निहारिका विश्वकर्मा, डीपीओ