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शोषण के खिलाफ लामबंद हुए एंबुलेंस कर्मी, किया चक्का जाम

Mon, 23 Sep 2019 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 11:39 PM IST
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abulance stike
बलरामपुर। एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने सोमवार को अपराह्न तीन बजे से संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर विरोध जताना शुरू कर दिया। सभी एंबुलेंस संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में खड़ी कर दी गई हैं। अनिश्चित कालीन हड़ताल कर कर्मचारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
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समस्याओं का निराकरण न होने और वार्ता न करने पर एंबुलेंस कर्मी भड़क गए है।ं अपराह्न तीन बजे से पहले तक 108 व 102 नंबर की एंबुलेंस सेवाएं जिले में संचालित की गईं। सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों ने मांगें पूरी करने की मांग की है। शीघ्र मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान किया है।
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जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 102, 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष मनोज कुमार पाठक, कोषाध्यक्ष शैलेेंद्र मिश्र, सचिव/महामंत्री रमाशंकर सिंह, ऑडिटर सुनील, प्रबंधक अजय कुमार सिंह, साधारण सदस्य रंजीत कुमार मिश्र व शैलेंद्र मिश्र आदि ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी के क्रियाकलापों को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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पैसे लेकर धन उगाही करना, बेरोजगारों का शोषण कराना, पुराने कर्मचारियों को निकालकर नए को पैसे लेकर भर्ती करना कंपनी का धंधा बन चुका है। कंपनी प्रदेश सरकार से फर्जी तरीके से हर महीने करोड़ों रुपये वसूल रही है। पायलट प्रोजेक्ट के नाम पर पुराने कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बनाया जा रहा है।
एंबुलेंस भर्ती के नाम पर करोड़ों की धन उगाही की गई है। प्रशिक्षण के नाम पर पायलट से 50 हजार रुपये और अन्य कर्मचारियों से 25 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है। कर्मचारियों से श्रम कानून के खिलाफ 12 घंटे की ड्यूटी ली जा रही है। पीएफ, ईएसआई और दुर्घटना बीमा से वंचित रखा जा रहा है।
कंपनी के अफसरों की तरफ से 102 व 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी केस बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए 300-400 किलोमीटर दूर का ट्रांसफर कर दिया जाता है।
वर्ष 2014 से लेकर अब तक हर महीने पायलट को कंपनी की तरफ से 8943 रुपये ही दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरपार की लड़ाई का एलान किया। कर्मचारियों ने कहा कि सोमवार दोपहर से अनिश्चितकाल के लिए सेवाएं ठप कर दी गई है।
निजी एंबुलेंस से बाहर भेजा गया मरीज
संयुक्त जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए सोमवार सुबह पहुंचा दुर्घटना में घायल गंभीर मरीज आरिफ निवासी राज बहादुरडीह उतरौला को डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। स्थानीय एंबुलेंस कर्मी हड़ताल के कारण आरिफ को दूसरे जिले में ले जाने के लिए राजी नहीं हुए। एंबुलेंस के इंतजार में आरिफ करीब दो घंटे तक दर्द से कराहता रहा। डिप्टी सीएमओ ने निजी अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर आरिफ को हायर सेंटर भेजा।
दूरदराज के मरीजों को होगी दिक्कतें
एंबुलेंस कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल से दूरदराज के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एंबुलेंस सेवाएं न चलने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी समय लगेगा जिससे मरीजों की हालत बिगड़ सकती है। प्रसूताओं को भी गंभीर समस्या होने पर प्रसव केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

गैर जिले नहीं जा रहे एंबुलेंस कर्मचारी
एंबुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों की जिले में कोई हड़ताल नहीं है। जिले के बाहर मरीजों को ले जाने से एंबुलेंस कर्मचारी मना कर रहे हैं। जिले के गंभीर मरीजों को बाहर अस्पतालों में भेजने के लिए निजी एंबुलेंस की व्यवस्थाएं कराई जा रही है।
-डॉ. एके सिंघल, डिप्टी सीएमओ
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